US Iran Tensions : कच्चे तेल की कीमतों में फिर आया उछाल, ब्रेंड क्रूड की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के पार... जानें क्या है वजह
खबर सार :-
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है। ईरान ने नाविकों को बिना अनुमति स्ट्रेट पार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रूख अपनाया है। ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई ने नौ सेना के दुश्मनों को नई करारी हार देने की लिए तैयार होने की बात कही है।
खबर विस्तार : -
US Iran Tensions : ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद करने के फैसले से सोमवार को कच्चे तेल की कीमत में उछाल देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से 95 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई है। सुबह 10:40 पर ब्रेंट क्रूड 5.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 95.40 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 6.11 प्रतिशत की मजबूती के साथ 87.63 डॉलर प्रति बैरल पर था। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भी कच्चे तेल की कीमत में गिरावट देखने को मिली है। कच्चे तेल का 18 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 6.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,175 रुपए पर था।
होर्मुज स्ट्रेट को बगैर अनुमति पार करने पर कार्रवाई की चेतावनी
कच्चे तेल में उछाल की वजह ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करना है। साथ ही, ईरान ने नाविकों को चेतावनी दी है कि अगर कोई स्ट्रेट को बिना मंजूरी के पार करता है तो उसे कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। दूसरी तरफ, अमेरिका ने भी सख्त रूख अपनाया हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान जलमार्ग को बंद करके अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं कर सकता।
दुश्मनों को 'नई करारी हार' देने के लिए तैयार है नौसेना
वहीं, ईरान ने कहा कि वह अपने बंदरगाहों की निरंतर अमेरिकी नाकाबंदी का जवाब दे रहा है। साथ ही, इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया। वहीं, सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि देश की नौसेना अपने दुश्मनों को 'नई करारी हार' देने के लिए तैयार है।
अमेरिका ने ईरान के एक मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया
अमेरिका की कार्रवाई जारी है। उसने ईरान के एक मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया है जिसने उसकी नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की थी। इसके जवाब में तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और इस बात पर संदेह पैदा हो गया है कि दोनों देशों के बीच निर्धारित दो दिनों का युद्धविराम भी कायम रह पाएगा या नहीं। इस बीच, वैश्विक अस्थिरता के बीच घरेलू सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले।
एशियाई बाजारों में देखने को मिला सकारात्मक प्रदर्शन
एशियाई बाजारों में सकारात्मक प्रदर्शन देखने को मिला, जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1 प्रतिशत तक बढ़ा। पिछले सत्र में अमेरिकी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए, एस एंड पी 500 1.2 प्रतिशत और नैस्डैक 1.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
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