मानवता की मिसाल! बेसहारा परिवार लिए देवदूत बनी निशा बबलू सिंह की टीम

खबर सार :-

सोनभद्र में एक बेसहारा परिवार के लिए समाजसेवी टीम देवदूत बनकर सामने आई है। संस्था की इस पहल की हर कोई तारीफ कर रहा है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी परिवार की हर संभव मदद की है।
मानवता की मिसाल! बेसहारा परिवार लिए देवदूत बनी निशा बबलू सिंह की टीम

खबर विस्तार : -

सोनभद्रः कहते हैं कि जब इंसान पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है और हर रास्ता बंद नजर आने लगता है, तब ईश्वर किसी न किसी रूप में मददगार भेज देता है। ऐसी ही एक भावुक और मानवता को जीवंत करने वाली घटना सोनभद्र के रेणुकूट रेलवे स्टेशन पर देखने को मिली, जहां एक व्यक्ति की अचानक मौत के बाद उसकी पत्नी और तीन मासूम बच्चे बेसहारा होकर सड़क किनारे बिलखते मिले। इस कठिन घड़ी में टीम निशा बबलू सिंह और स्थानीय लोगों ने आगे बढ़कर परिवार की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की।

गहरे सदमे में था परिवार

जानकारी के अनुसार, रेणुकूट रेलवे स्टेशन परिसर के समीप एक व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। परिवार पर अचानक आई इस विपत्ति के बाद मृतक की पत्नी और तीन छोटे बच्चे सड़क किनारे बैठकर रो रहे थे। उनके पास न तो आर्थिक संसाधन थे और न ही शव को अपने पैतृक गांव तक ले जाने का कोई साधन।

इसी दौरान स्थानीय युवक शिवम और छोटू की नजर इस परिवार पर पड़ी। परिवार की दयनीय स्थिति देखकर दोनों ने तुरंत टीम निशा बबलू सिंह के प्रमुख बबलू सिंह (डब्लू सिंह) को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही टीम के सदस्य बिना देर किए मौके पर पहुंचे।

मौके पर पहुंचने के बाद टीम ने देखा कि परिवार पूरी तरह असहाय स्थिति में था। घर के मुखिया की मौत से पत्नी और बच्चे गहरे सदमे में थे। उनकी आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर थी, जिसके कारण अंतिम संस्कार और गांव तक पहुंचने की व्यवस्था करना उनके लिए संभव नहीं था।

परिवार की स्थिति देखकर टीम के सदस्यों और आसपास मौजूद स्थानीय नागरिकों ने तत्काल मानवीय पहल की। सभी ने आपस में सहयोग राशि एकत्रित की और परिवार की सहायता के लिए आर्थिक योगदान दिया। इसके बाद मृतक के शव और परिजनों को उनके पैतृक गांव बीजपुर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए तत्काल एक बोलेरो वाहन की व्यवस्था कराई गई। टीम और स्थानीय लोगों के सहयोग से परिवार को सम्मानपूर्वक उनके गांव के लिए रवाना किया गया।

लोगों ने की प्रशंसा

घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। पुलिस ने मृतक और उसके परिजनों का नाम-पता दर्ज करने के बाद संवेदनशीलता का परिचय देते हुए शव को गांव ले जाने की अनुमति प्रदान की। टीम निशा बबलू सिंह ने पुलिस प्रशासन के सहयोगात्मक रवैये की सराहना करते हुए उनका आभार भी व्यक्त किया।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग टीम के इस मानवीय कार्य की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए कहा कि संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की सहायता करना सबसे बड़ा मानव धर्म है।

टीम निशा बबलू सिंह के प्रमुख बबलू सिंह (डब्लू सिंह) ने इस सेवा कार्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी नागरिकों का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसकी संवेदनशीलता और आपसी सहयोग में निहित होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे मानवीय कार्यों को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि समाज में परोपकार और सहयोग की भावना मजबूत हो तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए अधिक से अधिक लोग आगे आएं। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि यदि समाज एकजुट होकर किसी जरूरतमंद का साथ दे, तो सबसे कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद की नई किरण जगाई जा सकती है।

यह भी पढ़ेंः-खेलते-खेलते पानी से भरी नाद में गिरे मासूम बच्चे की मौत
 

अन्य प्रमुख खबरें