बुंदेलखंड में ऊर्जा क्रांति: क्षेत्र को मिलेगा सबसे बड़ा 765 केवी पावर हाउस, तालबेहट बनेगा ऊर्जा वितरण का नया हब
खबर सार :-
प्रदेश सरकार द्वारा बुंदेलखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ने से भविष्य में औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
खबर विस्तार : -
ललितपुरः बुंदेलखंड को ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। ललितपुर जिले के तालबेहट में क्षेत्र का पहला और सबसे बड़ा 765 केवी पावर हाउस बनाया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल बुंदेलखंड की बिजली व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड से और अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ जाएगा। इससे बिजली की उपलब्धता बढ़ने के साथ-साथ आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक भरोसेमंद बनेगी।
बिजली आपूर्ति की बदलेगी दिशा
प्रस्तावित 765 केवी पावर हाउस को ललितपुर के ग्राम चिलगायूआ स्थित बजाज विद्युत उत्पादन परियोजना से जोड़ा जाएगा। यहां उत्पादित बिजली पहले तालबेहट पावर हाउस तक पहुंचेगी और फिर वहां से राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में भेजी जाएगी। इसके साथ ही इस पावर हाउस की मुख्य ट्रांसमिशन लाइन आगरा ग्रिड से भी जुड़ी होगी। इससे आवश्यकता पड़ने पर आगरा और आसपास के क्षेत्रों की बिजली बुंदेलखंड में तथा बुंदेलखंड की बिजली अन्य क्षेत्रों में आसानी से भेजी जा सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना बुंदेलखंड में बिजली आपूर्ति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। अभी तक इस क्षेत्र में इतनी अधिक क्षमता वाला कोई पावर हाउस नहीं है। इसके निर्माण के बाद अकेले इस केंद्र से पूरे बुंदेलखंड की विद्युत आपूर्ति को मजबूत आधार मिलेगा। साथ ही उत्तर प्रदेश के विभिन्न विद्युत उत्पादन केंद्र राष्ट्रीय ग्रिड के जरिए सीधे बुंदेलखंड से जुड़ जाएंगे, जिससे जरूरत के समय बिजली का आदान-प्रदान आसानी से किया जा सकेगा।
तालबेहट में केवल 765 केवी पावर हाउस ही नहीं, बल्कि 400 केवी और 220 केवी क्षमता के पावर हाउसों का निर्माण भी एक साथ किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्र में विद्युत वितरण नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा। अधिकारियों का कहना है कि 220 केवी फीडर को वीरधा और मड़ावरा से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा गरौठा स्थित 400 केवी सब-स्टेशन तथा जालौन और महोबा में निर्माणाधीन 400 केवी सब-स्टेशनों से भी इसका संपर्क स्थापित किया जाएगा।
विकसित होगा बुंदेलखंड क्षेत्र
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में इस क्षमता के पावर हाउस केवल आगरा, उन्नाव, मैनपुरी, हापुड़, जहांगीरपुर और कानपुर जैसे प्रमुख शहरों में ही मौजूद हैं। ऐसे में तालबेहट में 765 केवी पावर हाउस का निर्माण बुंदेलखंड को प्रदेश के प्रमुख ऊर्जा केंद्रों की श्रेणी में खड़ा करेगा। बेहतर बिजली आपूर्ति से नए उद्योगों की स्थापना, रोजगार के अवसर और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना की अनुमानित लागत करीब 233 करोड़ रुपये बताई जा रही है। झांसी विद्युत पारेषण विभाग के मुख्य अभियंता सत्येंद्र कुमार के अनुसार, परियोजना को पूरा होने में अभी लगभग दो वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से जारी है और तय समयसीमा के भीतर इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने के बाद बुंदेलखंड में ऊर्जा क्षेत्र में नई क्रांति आएगी। इससे क्षेत्र की बिजली संबंधी समस्याओं में कमी आएगी, ट्रांसमिशन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी और राष्ट्रीय ग्रिड से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के कारण बिजली की उपलब्धता पहले की तुलना में कहीं अधिक विश्वसनीय हो जाएगी। यह परियोजना बुंदेलखंड के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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