रामपुर: सपा नेता यूसुफ मलिक पर पुलिस का शिकंजा, आजम खान के हवाले से दिया था विवादित बयान
खबर सार :-
रामपुर पुलिस ने सपा नेता यूसुफ मलिक के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी और अफवाह फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। आजम खान से जेल में मुलाकात के बाद मलिक ने ईद पर काली पट्टी बांधने की अपील की थी।
खबर विस्तार : -
रामपुर: राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जेल में मुलाकात करने पहुंचे मुरादाबाद के सपा नेता यूसुफ मलिक अब खुद कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। रामपुर की गंज थाना पुलिस ने उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते 14 मार्च को मुरादाबाद निवासी सपा नेता यूसुफ मलिक रामपुर जेल में बंद आजम खान और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम से मिलने पहुंचे थे। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए एक विवादित अपील की थी। मलिक ने दावा किया कि आजम खान ने मुस्लिम समुदाय, विशेषकर सुन्नी मुसलमानों के लिए एक संदेश भेजा है। यूसुफ मलिक के अनुसार, आजम खान ने अपील की है कि इस बार ईद की नमाज के दौरान लोग नए कपड़े न पहनें, बल्कि काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने इसके पीछे ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष और मुस्लिम बच्चियों की मौत का हवाला दिया था।
पुलिस ने क्यों दर्ज की एफआईआर?
सपा नेता यूसुफ मलिक द्वारा दिए गए इस विवादित बयान को रामपुर पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। पुलिस का स्पष्ट मानना है कि सार्वजनिक रूप से इस तरह की अपील करने से न केवल सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा है, बल्कि इससे समाज में अनावश्यक भ्रम और तनाव की स्थिति भी पैदा हो सकती है। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से, उप निरीक्षक प्रेमचंद की तहरीर पर रामपुर के थाना गंज में यूसुफ मलिक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (1), 353 (2) और 57 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। इन धाराओं के अंतर्गत धार्मिक भावनाओं को भड़काने, शत्रुता को बढ़ावा देने और भ्रामक जानकारी फैलाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए रामपुर के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुराग सिंह ने बताया कि मुरादाबाद निवासी यूसुफ मलिक ने एक समुदाय विशेष को विशिष्ट वस्त्र धारण करने का निर्देश दिया था और सोशल मीडिया व सार्वजनिक मंचों के माध्यम से अफवाह फैलाने का काम किया था। उनके इस कृत्य को कानून का उल्लंघन मानते हुए थाना गंज में अभियोग दर्ज कर लिया गया है। एएसपी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल मामले की गहन विवेचना की जा रही है और साक्ष्यों के संकलन के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जेल जा सकते हैं नेता?
मुकदमा दर्ज होने के बाद अब यूसुफ मलिक की गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आजम खान का संदेश लेकर आए नेता जी अब खुद जेल की सलाखों के पीछे पहुंच सकते हैं। पुलिस इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों और मीडिया फुटेज की भी जांच कर रही है।
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