त्योहारों से पहले लखनऊ पुलिस सख्त: आतिशबाजी कारोबारियों के लिए जारी हुए कड़े सुरक्षा निर्देश

खबर सार :-

त्योहारों के सीजन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने आतिशबाजी कारोबारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा मानकों और दिशा-निर्देशों की रूपरेखा तय की है।
लखनऊ में आतिशबाजी लाइसेंसधारकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी

खबर विस्तार : -

लखनऊ: आगामी दशहरा, दीपावली और अन्य प्रमुख पर्वों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने शहर के स्थायी आतिशबाजी विक्रय और निर्माण लाइसेंसधारकों के साथ एक उच्च-स्तरीय समन्वय बैठक का आयोजन किया। कमिश्नरेट कार्यालय में हुई इस बैठक की अध्यक्षता संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने की। बैठक में सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा से जुड़े कई अहम निर्देश जारी किए गए, जिनका पालन करना सभी कारोबारियों के लिए अनिवार्य किया गया है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में 'लखनऊ फायरवर्क्स डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन' के अध्यक्ष महेश गुप्ता के अलावा बड़ी संख्या में लाइसेंसधारक, अपर पुलिस उपायुक्त (जोनल, कानून एवं व्यवस्था), मुख्य अग्निशमन अधिकारी और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कारोबारियों से स्पष्ट किया कि पर्वों के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संयुक्त निरीक्षण और स्टॉक की होगी जांच

प्रशासन की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), संबंधित थानाध्यक्ष और अग्निशमन अधिकारी मिलकर अपने-अपने क्षेत्रों में पड़ने वाले सभी आतिशबाजी भंडारण और बिक्री स्थलों का संयुक्त निरीक्षण करेंगे। यह टीम यह सुनिश्चित करेगी कि कारोबारियों द्वारा पटाखों के भंडारण और बिक्री का काम केवल अनुमोदित और सुरक्षित परिसरों से ही किया जा रहा है। इसके साथ ही, अधिकारियों द्वारा बिक्री और स्टॉक से जुड़े सभी दस्तावेजों की भी गहराई से जांच की जाएगी।

सुरक्षा मानकों का पालन और दूरी के नियम

नियमों के तहत आतिशबाजी विक्रेताओं को अपने भंडारण और बिक्री स्थल स्कूलों, कॉलेजों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से उचित दूरी पर रखने होंगे। प्रतिष्ठानों के अंदर किसी भी तरह का ज्वलनशील पदार्थ रखने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा ताकि किसी भी संभावित अप्रिय घटना को टाला जा सके। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए प्रत्येक विक्रेता को अपनी दुकान या गोदाम में 200 लीटर पानी का ड्रम, पर्याप्त मात्रा में बालू और 5 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखना होगा।

लाइसेंस प्रदर्शन और कर्मचारियों का प्रशिक्षण

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी लाइसेंसधारकों को अपने भंडारण और विक्रय स्थल पर लाइसेंस की प्रति इस तरह चस्पा करनी होगी कि निरीक्षण के दौरान वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। इसके अलावा, परिसरों में काम करने वाले कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए और समय-समय पर उनका प्रशिक्षण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार के नुकसान, चोरी या नए स्टॉक के संबंध में कारोबारियों को तुरंत नजदीकी थाने को सूचना देनी होगी।

भविष्य की तैयारी और प्रशासनिक सहयोग

पुलिस प्रशासन ने सभी लाइसेंसधारकों से अपेक्षा की है कि वे जारी किए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करेंगे और समय-समय पर निरीक्षण करने वाली टीमों का पूरा सहयोग करेंगे। अधिकारियों ने कारोबारियों से यह भी अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से पटाखों का भंडारण, बिक्री या निर्माण कर रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें, जिससे भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।

त्योहारों के दौरान लखनऊ में आतिशबाजी की मांग और बिक्री में भारी इजाफा होता है। इस दौरान अस्थायी और स्थायी दुकानों पर भारी भीड़ जुटती है, जिससे सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। पूर्व के वर्षों में हुई दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस हर साल त्योहारों से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करती है और कारोबारियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित कर मानक तय करती है।

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