Railway Security: ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए रेलवे का बड़ा कदम, 250 हॉटस्पॉट पर लगेंगे सोलर CCTV कैमरे

खबर सार :-

ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए रेलवे ने करीब 250 हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं। यहां सोलर CCTV कैमरों से निगरानी होगी। जानें रेलवे सुरक्षा के नए इंतजाम क्या-क्या है।
ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए रेलवे की तैयारी तेज, 250 ठिकानों पर होगी निगरानी

खबर विस्तार : -

Railway Security News: ट्रेनों में पत्थरबाजी की घटनाओं पर रोक लगाने और यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए रेलवे पुलिस ने निगरानी व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की है। ट्रेनों पर बार-बार पत्थर फेंकने की घटनाओं को देखते हुए ऐसे करीब 250 स्थानों की पहचान की गई है, जहां से इस तरह की वारदातें सामने आती रही हैं। अब इन संवेदनशील ठिकानों पर सोलर से संचालित सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। इससे रात के अंधेरे में भी संदिग्धों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की ओर से कई स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें संवेदनशील स्थानों की निगरानी, रात में चलने वाली ट्रेनों में सुरक्षा स्क्वाड की तैनाती और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शामिल है।

250 हॉटस्पॉट पर लगेंगे सोलर CCTV कैमरे

रेलवे ट्रैक और ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने से यात्रियों को चोट लगने के साथ-साथ जान का खतरा भी हो सकता है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने उन स्थानों को चिह्नित किया है, जहां से बार-बार पत्थरबाजी की शिकायतें मिलती रही हैं। करीब 250 हॉटस्पॉट पर सोलर ऑपरेटेड सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की योजना बनाई गई है। सोलर ऊर्जा से संचालित होने के कारण इन कैमरों को ऐसे स्थानों पर भी उपयोग में लाया जा सकेगा, जहां बिजली की उपलब्धता सीमित हो सकती है। कैमरों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और घटना के बाद आरोपियों की पहचान करने में सहायता मिलेगी।

रात में चलने वाली ट्रेनों में भी तैनात होंगे सुरक्षा स्क्वाड

यात्रियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए रात के समय चलने वाली ट्रेनों में भी सुरक्षा स्क्वाड तैनात किए जा रहे हैं। रात के दौरान चोरी, पत्थरबाजी और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए जीआरपी की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में डीजी रेलवे श्री प्रकाश डी ने अनुभाग के थानेदारों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए। बैठक में ट्रेनों और रेलवे परिसरों में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

रेलवे ट्रैक पर भारी वस्तुएं रखना भी गंभीर चुनौती

रेलवे सुरक्षा के सामने एक अन्य बड़ी चुनौती रेलवे ट्रैक पर भारी वस्तुएं रखकर ट्रेन संचालन बाधित करने की कोशिश है। इस तरह की गतिविधियों से रेल परिचालन प्रभावित हो सकता है और गंभीर रेल हादसे का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए ऐसे मामलों को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत है। रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी नेटवर्क के अलावा बॉडी-वॉर्न कैमरों और ड्रोन की मदद भी ली जा रही है। इन तकनीकों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा कर्मियों की कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

चोरी और जहरखुरानी पर भी नजर

डीजी रेलवे श्री प्रकाश डी के मुताबिक, ट्रेनों और रेलवे परिसरों में यात्रियों के सामान की चोरी रोकना जीआरपी के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल है। यात्रा के दौरान सामान चोरी होने से यात्रियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसी घटनाओं को कम करने के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाने के साथ निगरानी व्यवस्था मजबूत की जा रही है। इसके अलावा, यात्रियों को निशाना बनाने वाले जहरखुरानी गिरोहों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। यात्रा के दौरान नशीला पदार्थ खिलाकर यात्रियों को लूटने जैसी वारदातों से बचाने के लिए सतर्कता और पुलिस निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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