हिमाचल की स्पीति घाटी में सालभर सड़क संपर्क की तैयारी, कुंजुम दर्रे के नीचे सुरंग बनाने की योजना

खबर सार :-

हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में सड़क संपर्क बनाए रखने के लिए CM सुक्खू ने कुंजुम दर्रे के नीचे एक सुरंग बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि काजा में काॅलेज खोलने का प्रयास होगा।
500 करोड़ रुपये से होगा स्पीति घाटी का विकास, सीएम सुक्खू ने की घोषणा

खबर विस्तार : -

शिमला: सरकार ने हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में साल भर सड़क संपर्क बनाए रखने के लिए कुंजुम दर्रे के नीचे एक सुरंग बनाने की योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भरोसा दिलाया है कि सुरंग बनाने के लिए सर्वे किया जाएगा और एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है और इसके पूरा होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को साल भर बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। 

मुख्यमंत्री ने स्पीति घाटी के भविष्य के विकास के लिए ₹500 करोड़ खर्च करने की भी घोषणा की। स्पीति के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान बुधवार को काज़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काजा में कॉलेज खोलने की संभावना तलाशी जाएगी और वहां स्त्री रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा, काजा में हेलीपोर्ट बनाने के लिए सर्वे का भी भरोसा दिया गया। सरकार ने कहा कि इस पहल से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को फायदा होगा।

समदो-काजा पावर लाइन पर ₹350 करोड़ खर्च होंगे

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि स्पीति के विकास में बिजली आपूर्ति में सुधार सरकार की प्राथमिकता है। समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन को तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, और इस प्रोजेक्ट पर अनुमानित ₹350 करोड़ खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार स्पीति के लोगों की आय दोगुनी करने की कोशिश कर रही है। सुक्खू ने याद दिलाया कि जब उन्होंने 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस समारोह के दौरान पहली बार इस क्षेत्र का दौरा किया था, तो स्थानीय लोगों ने बिजली की समस्याओं के बारे में चिंता जताई थी; इन समस्याओं को दूर करने के प्रयास अब जमीन पर ठोस नतीजे दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश का लगभग 42 प्रतिशत भू-भाग ठंडे रेगिस्तानी क्षेत्र में आता है। सरकार इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और इसके लिए ज्यादा फंड आवंटित कर रही है।

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दिवाली पर महंगाई भत्ते की एक किस्त जारी करने पर विचार

मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के कल्याण और पुरानी पेंशन योजना (OPS) के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार अपने कर्मचारियों के हित में काम कर रही है। दिवाली के मौके पर महंगाई भत्ते (DA) की एक किस्त जारी करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को बुढ़ापे में सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देने के लिए पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया गया था। भविष्य में और कर्मचारियों को इसके दायरे में लाने की योजना पर भी काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि OPS लागू करने की वजह से केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए ₹1,600 करोड़ का सालाना आवंटन रोक दिया है।

स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की उपलब्धता 70% होने का दावा

मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर केंद्र सरकार और पिछली BJP सरकार की आलोचना की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा राज्य सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च के बारे में सवाल पूछते रहे हैं। सुक्खू के अनुसार, पिछली BJP सरकार के कार्यकाल में राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में केवल 35 प्रतिशत पद भरे हुए थे। मौजूदा सरकार के प्रयासों से यह आंकड़ा बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने बताया कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने 'क्रिटिकल केयर ब्लॉक' पर काम शुरू किया। आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 2023 से 2027 के बीच इस योजना में हिमाचल प्रदेश का हिस्सा लगभग ₹26 करोड़ है, जबकि राज्य सरकार ने योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए लगभग ₹204 करोड़ दिए हैं।

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