लखनऊ में 176 दुर्गा पूजा पंडालों और लगभग 100 रामलीला कार्यक्रमों का आयोजन, राम मंदिर थीम ने मोहा भक्तों का मन

खबर सार :-

राजधानी लखनऊ में दुर्गा पूजा महोत्सव का भव्य आगाज हो गया है। इस साल शहरभर में 176 पंडालों और 100 रामलीलाओं का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ जानकीपुरम और मॉडल हाउस जैसी जगहों पर बनाई गई अनूठी थीम मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं।
लखनऊ में दुर्गा पूजा 2026: 176 पंडालों और अनूठी थीम की भव्य शुरुआत

खबर विस्तार : -

लखनऊ : शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में माँ दुर्गा के अलौकिक दरबार सजकर तैयार हैं। महानगर के विभिन्न इलाकों में इस वर्ष कुल 176 दुर्गा पूजा पंडालों और लगभग 100 रामलीला कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासनिक और समितियों की तैयारियों ने शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक उल्लास को नए आयाम दिए हैं। जानकीपुरम, सहारा स्टेट, मॉडल हाउस और रविंद्र पल्ली जैसे प्रमुख क्षेत्रों में तैयार किए गए आकर्षक और अनोखे थीम आधारित पंडाल इन दिनों शहरवासियों और बाहरी पर्यटकों के बीच मुख्य चर्चा का विषय बने हुए हैं।

अनूठी थीम और वास्तुकला के अदभुत नमूने

इस साल पंडालों की सजावट में कला और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। जानकीपुरम सेक्टर-E स्थित उत्सव दुर्गा पूजा पंडाल को देश के सबसे बड़े आयोजनों में गिना जा रहा है, जो करीब 2 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में फैला हुआ है। यहाँ 110 फीट ऊँचा भव्य राम मंदिर थीम पर आधारित पंडाल बनाया गया है, जिसके भीतर माँ दुर्गा की 18 फीट ऊँची इको-फ्रेंडली प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके अलावा, सहारा स्टेट में सद्भावना सांस्कृतिक समिति द्वारा 'लोकचित्र और टेराकोटा विलेज टेंपल' थीम पर ग्रामीण परिवेश को जीवंत किया गया है, जिसे पारंपरिक सूप, टोकरियों और करीब 2000 बांसों की सजावट से संवारा गया है।

विदेशी वास्तुकला से लेकर बंगाली संस्कृति की झलक

राजधानी के मित्र संघ, मॉडल हाउस द्वारा वैटिकन सिटी की तर्ज पर तैयार किया गया विदेशी वास्तुकला का पंडाल भी अपनी भव्यता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। वहीं, जो लोग पारंपरिक बंगाली संस्कृति और सादगी के साथ पूजा का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए रविंद्र पल्ली का पंडाल सबसे मुफीद साबित हो रहा है, जहाँ बंगाल की पारंपरिक कला, ढाक की गूँज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम है। इसके साथ ही, अंसल एपीआई में दिल्ली के प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर बने पंडाल और राजाजीपुरम के सुभाष टॉकीज में 50वें वर्ष (गोल्डन जुबली) के उपलक्ष्य में हो रहे विशेष आयोजनों ने उत्सव के रंग को और गाढ़ा कर दिया है।

सुरक्षा और दर्शन के पुख्ता इंतजाम

भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लखनऊ पुलिस प्रशासन ने सभी 176 पंडालों के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं। हर प्रमुख पंडाल परिसर में हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक अग्निशामक यंत्र (फायर सेफ्टी) और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। समितियों के अनुसार, इन पंडालों में दर्शन करने का सबसे उत्तम समय शाम 4:00 बजे से लेकर देर रात तक का है, जब रंग-बिरंगी लाइटिंग और संध्या आरती का भव्य दृश्य देखने को मिलता है। लखनऊ में दुर्गा पूजा का इतिहास दशकों पुराना है और यह उत्सव शहर की साझा संस्कृति (गंगा-जमुनी तहज़ीब) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। समय के साथ यहाँ के आयोजनों का दायरा और कलात्मक स्तर काफी व्यापक हुआ है, जिसमें स्थानीय समितियों के साथ-साथ बंगाली समाज की सक्रिय भागीदारी रहती है।

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