हर साल औपचारिकता निभाने में फंसा है फैजुल्लागंज, जानलेवा बन रहा जलभराव!

खबर सार :-

पिछले दिनों फैजुल्लागंज में जलभराव हो गया था। इसी क्षेत्र में एक बीमार बच्ची को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस बुलाई गई थी। लेकिन जलभराव के कारण काफी देर हो चुकी थी। इससे बच्ची की मौत हो गई थी। हर साल जब कभी लगातार चार दिन पानी बरस जाता है। यहां की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। इस गलती का खामियाजा नगर आयुक्त को उठानी पड़ती है। यद्यपि पूर्व में किए गए प्रयास केवल औपचारिक रहे हैं, अन्यथा यहां ऐसी दिक्कत हर बार न हो।
गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से नगर आयुक्त परेशान, फैजुल्लागंज में राहतकार्य जारी

खबर विस्तार : -

लखनऊ, गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर एवं फैजुल्लागंज क्षेत्र में जलभराव की स्थिति फिलहाल पूरी तरह से नहीं सुधरी है। यहां की व्यवस्था देखने के लिए नगर आयुक्त गौरव कुमार कई बार पहुंच चुके हैं। वह यहां रविवार को भी पहुंचे थे। रात में भी काफी समय क्षेत्र के लोगों के बीच बिताया। प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय करते समय जलभराव से निपटने के इंतजाम करते रहे।

जरूरत के अनुसार बनाई जा रही दीवार

कई और बस्तियों की ओर जाकर भी उन्होंने व्यवस्थाएं देखीं। दाऊद नगर, लोहरामऊ, हयात नगर, गौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, सुखलाल खेड़ा एवं सैथा पहुंचकर एक एक व्यक्ति से हाल जाना। यह बस्तियां वही हैं, जहां जलभराव की दिक्कत रहती है। अक्सर इन क्षेत्रों में परेशानियां होने के बाद भी नजरंदाज कर दिया जाता है। इनमें फैजुल्लगंज की हालत सबसे ज्यादा खराब है। नगर आयुक्त ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारियों से जलभराव की स्थिति की जानकारी की। उनसे और मदद का भरोसा दिया।

प्रभावित नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में पूछा और आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में वह अपने स्तर से प्रयास करेंगे। उम्मीद है कि भविष्य में काफी परेशानियां कम हो जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में नगर निगम की टीमें लगातार सक्रिय रहकर नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं। हर क्षेत्र में नगर निगम की टीमों के सदस्यों का हाल जाना। कर्मियों से लोगों की परेशानी पर गंभीर होने के लिए कहा।

बीमारी से एक बच्ची की हो  चुकी है मौत

उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं वृद्धजनों की सुरक्षा पर प्राथमिकता से ध्यान देने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। निगम ने अपनी व्यवस्था में लोगों के लिए पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभावित नागरिकों के लिए दिए जा रहे पेयजल, राहत सामग्री एवं मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था गुणवत्ता, स्वच्छता और जरूरत भर रखने के लिए कहा। 

जमा पानी पंपिंग सेट से निकाला जा रहा

उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप सेट के माध्यम से जल निकासी का कार्य लगातार जारी रखने तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पंप एवं संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जलभराव होने से यहां पर जलजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों का डर सता रहा है। यद्यपि प्रभावित क्षेत्रों में एंटी-लार्वा का छिड़काव एवं फॉगिंग, साफ-सफाई की व्यवस्था दुरूस्त रखने के लिए कहा गया है। यह नगर आयुक्त की सक्रियता बारिश के बाद की दिख रही है। बारिश के पहले और बारिश के दौरान भी वह वीआईपी मोहल्लों तक सीमित रहे।

अब वह मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। यह स्थिति फैजुल्लागंज क्षेत्र में एक बच्ची की मौत के दौरान से उपजी है। किसी भी पार्षद ने यहां के जलभराव की याद नहीं दिलाई थी। यह भी हो सकता है कि गंभीरता ने  न लिया गया है। बताया जाता है कि एक बच्ची की तबियत खराब थी। उसको अस्पताल लेकर जाने के लिए एक एंबुलेंस मंगवाई गई। पानी चारों ओर भरा था। आखिर इंतजार उसके लिए मौत ले आई।  यही व्यवस्था फैजुल्लगंज की है। यही व्यवस्था पहले भी थी। जिस साल चार दिन लगातार पानी बरसा है, यहां की हालत खराब रही है। 

नगर निगम कहां चला रहा राहत कार्य?

नगर निगम की टीम इन दिनों जोन के संबंधित अधिकारियों के निर्देश प्रभावित क्षेत्रों में मौके पर उपस्थित रहकर राहत एवं बचाव कार्यों निपटा रही हैं। इनमें पानी,लाइट, सौचालय, भोजन और सफाई खास है। इसके अलावा जमा पानी हटाया जा रहा है। जहां जरूरी हो रहा, वहां दीवार बनाई जा रही हैं जोन-3 के दाऊद नगर, लोहरामऊ और जोन 6 के हयातनगर, गौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, सुखलाल खेड़ा एवं सैथा में राहत कार्य चल रहा है। 

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