Lucknow Floods: लखनऊ में बाढ़ से मचा हाहाकार ! हजारों परिवारों ने छोड़ा घर, गलियों में चल रहीं नावें

खबर सार :-

Lucknow Flood: गोमती नदी का बाढ़ का पानी राजधानी लखनऊ के उन इलाकों तक पहुंच गया है जिन्हें पहले सुरक्षित माना जाता था। बाढ़ के कारण लाखों लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं और कई कॉलोनियों के निवासी वहां से निकल रहे हैं।
लखनऊ में बाढ़ से मचा हाहाकार ! हजारों परिवारों ने छोड़ा घर

खबर विस्तार : -

Lucknow Floods: उत्तर प्रदेश में पिछले नौ दिनों से बारिश नहीं हुई है, फिर भी बांधों से छोड़े गए पानी की वजह से करीब 11 जिलों की दस नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।  वहीं राजधानी लखनऊ गोमती नदी में बाढ़ के कारण संकट में है। हजारों घरों में पानी घुस गया है। कई इलाकों के निवासी अपने घर बंद करके सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं। गलियों में चल नावें चल रहीं हैं। 

इतना ही नहीं बाढ़ का पानी इकाना स्टेडियम (Ekana Stadium), पलासियो मॉल (Megaplex Phoenix Palassio Mall) और एमार गोमती ग्रीन्स सोसाइटी तक पहुंच गया है। जबकि गोमती रिवरफ्रंट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। फैजुल्लागंज और इटौंजा में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। फैजुल्लागंज और बीकेटी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं।

एकाना स्टेडियम और पलासिओ मॉल तक पहुंचा पानी

जैसे-जैसे गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा, इकाना स्टेडियम, पलासियो मॉल के आसपास जलभराव का खतरा पैदा हो गया। नदी का पानी नालों के जरिए स्टेडियम और मॉल तक पहुंच गया और आसपास की सड़कों पर भर गया। यह जानकारी मिलने पर नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की टीमें मौके पर पहुंचीं। हालात की जांच करने पर अधिकारियों को पता चला कि जिस नाले से गोमती नदी का पानी 'पलासियो' की ओर बह रहा था, वह खुला हुआ था।

इसके बाद, LDA (लखनऊ विकास प्राधिकरण) की मदद से नाले को सील कर दिया गया ताकि नदी का पानी वापस मॉल की ओर न आए। यह बाढ़ ऐसे समय जब मंगलवार 6 अक्टूबर को इकाना स्टेडियम में भारत बनाम वेस्टइंडीज के बीज 5 टी20 मैचों का पहला मुकाबला लखनऊ के इकाना में खेला जाएगा।

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बाढ़ प्रभावित लोगों की पुलिस से झड़प

उधर फैजुल्लागंज के पवन विहार इलाके में, स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने एक महिला को ले जाने के लिए नाव का लगभग एक घंटे तक इंतजार किया, लेकिन कोई नाव नहीं आई। उनकी शिकायत पर पहुंची पुलिस के साथ उनकी तीखी बहस हुई। गोमती पुरम, लोहरामऊ, मामा कॉलोनी, दाउद नगर, श्याम सुंदर कॉलोनी, गणेश विहार, दुर्गा कॉलोनी, पवन विहार और कृष्णा विहार जैसे इलाकों में लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं। 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि राहत सामग्री सिर्फ राहत केंद्रों तक ही सीमित है, जिससे कई परिवार खाने और पीने के पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। रात 2 बजे से 3 बजे के बीच निजी नावों के चलने से चोरी का डर भी बना हुआ है, जिससे निवासी रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।

DM विशाक जी ने नाव से लिया बाढ़ की स्थिति का जायजा 

जिला मजिस्ट्रेट विशाक जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने घुटने तक भरे पानी में चलकर और नावों का इस्तेमाल करके बरवां कलां, सैथा और जेहटा जैसे इलाकों में स्थिति का जायजा लिया। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को प्राथमिकता देने और 10 अतिरिक्त नावों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। 

रात में पुलिस गश्त बढ़ाने और दाउद नगर में एक अतिरिक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए। इस बीच, सैथा, जेहटा और हयात नगर (डुबग्गा में लालजी टंडन वार्ड का हिस्सा) सहित लगभग आधा दर्जन गांवों में जलभराव हो गया है। DM और JCP ने इन प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया और राहत कार्य शुरू किए।  फैज़ुल्लागंज में कई घर बंद पड़े हैं। बाढ़ (Floods) की वजह से इलाके के 20 से 25 प्रतिशत घरों को खाली करना पड़ा है। दाउदनगर, मिलंतनगर, रामनगर, गणेश विहार और मामा कॉलोनी के लोग अपने घर छोड़कर चले गए हैं।

विधायक की गाड़ी रोककर हंगामा

राहत सामग्री बांटने के लिए इटौंजा पहुंचे MLA योगेश शुक्ला की गाड़ी को ग्रामीणों ने रोक दिया और हंगामा किया। BJP किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष अतुल मिश्रा के साथ भी बदसलूकी की खबरें सामने आईं। ग्रामीण दुघरा और अकदारिया गांवों के लिए मोटरबोट, भोजन और राशन की मांग कर रहे थे। BKT के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत कराया।

बिहार के 6 जिले बाढ़ से प्रभावित

बिहार के छह जिलों में लगभग 466 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इससे करीब 8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 92,730 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। अब तक बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 27 लोगों की मौत हो चुकी है। सारण जिला सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है, जहां 3,55,000 लोग प्रभावित हुए हैं और 44,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।

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