झांसी में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, आर्थिक सहायता से लेकर मिनी स्टेडियम तक बनी कार्ययोजना

खबर सार :-

झांसी में जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक में खिलाड़ियों के लिए आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति, सुरक्षित खेल वातावरण और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार की व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई।
झांसी में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, आर्थिक सहायता से लेकर मिनी स्टेडियम तक बनी कार्ययोजना

खबर विस्तार : -

झांसीः जनपद में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के सभाकक्ष में आयोजित जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक में खिलाड़ियों के समग्र विकास, आर्थिक सहायता, सुरक्षित खेल वातावरण और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

जिलाधिकारी ने दिए निर्देश

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि झांसी के जो खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें स्थानीय स्तर पर प्रायोजकों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संसाधनों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए। इसके लिए आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता और खेल सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों के हित में योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिले में खेलों के विकास के लिए सरकारी प्रयासों के साथ निजी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की सहभागिता भी बढ़ाई जाएगी।

बैठक में खिलाड़ियों, विशेषकर महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले में संचालित सभी जिम और तरणताल (स्विमिंग पूल) का निर्धारित मानकों के अनुरूप पंजीकरण कराने का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पंजीकरण के माध्यम से खेल सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और खिलाड़ियों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे लाने पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति नियमावली-2020 के तहत प्रत्येक तहसील स्तर पर खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति का गठन किया जाएगा। इन समितियों के माध्यम से गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे वे जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकें।

उन्होंने संबंधित विभागों, खेल संघों और विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने शिक्षा, युवा कल्याण, समाज कल्याण, महिला कल्याण, स्वास्थ्य, नगर विकास, उद्योग, सेना, रेलवे, सार्वजनिक उपक्रमों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं को खेल गतिविधियों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि सभी विभागों के सहयोग से ही जिले में मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सकता है।

बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार गौतम ने गुरसराय, बबीना और कटेरा में मिनी स्टेडियम स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई और इसे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया। अधिकारियों ने कहा कि मिनी स्टेडियम बनने से स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

बैठक की शुरुआत क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी कर्मवीर सिंह ने जिलाधिकारी गौरांग राठी, मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड तथा जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार गौतम का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इसके बाद खेल विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई और खिलाड़ियों के हित में कई सुझाव सामने आए।

बैठक में पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुबोध खांडेकर, विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने जिले में खेलों के विकास के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक के अंत में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी कर्मवीर सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और खेल संघों के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। जिला प्रशासन का मानना है कि इस कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से झांसी में खेलों का आधार मजबूत होगा, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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