Bengaluru: सड़कों और फुटपाथ से हटाई जाएंगी लावारिस गाड़ियां, 4,429 वाहनों की पहचान, 1,034 को नोटिस जारी

खबर सार :-

बेंगलुरु की सड़कों से लावारिस खड़े वाहनों को हटाने का अभियान शुरू हो गया है। बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने जानकारी दी कि लंबे समय से फुटपाथ पर खड़े वाहनों की कानूनी प्रक्रिया के तहत नीलामी की जाएगी। इससे पहले इन वाहनों के मालिकों को नोटिस भेजी जाएगी। अब तक 4 हजार से अधिक गाड़ियों की पहचान कर ली गई है।
Bengaluru: सड़कों और फुटपाथ से हटाई जाएंगी लावारिस गाड़ियां, 4,429 वाहनों की पहचान, 1,034 को नोटिस जारी

खबर विस्तार : -

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने राजधानी बेंगलुरु में सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर लंबे समय से खड़ी लावारिस गाड़ियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। 

शनिवार को इस खास अभियान की शुरुआत करते हुए, बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि जो मालिक तय समय के अंदर अपनी गाड़ियों का दावा नहीं करेंगे, उनकी गाड़ियों की कानूनी तौर पर नीलामी कर दी जाएगी।

नोटिस के बाद हटाए जा रहे वाहन

यह अभियान ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस मिलकर चला रहे हैं। अभियान की शुरुआत के समय पूर्व मंत्री दिनेश गुंडू राव भी मौजूद थे। कृष्णा बायरे गौड़ा ने बताया कि पिछले हफ्ते शहरभर में लावारिस गाड़ियों पर नोटिस लगाए गए थे, जिसमें मालिकों को सात दिन का समय दिया गया था कि वे या तो उन्हें हटा लें या मामूली जुर्माना भरकर वापस ले लें। अब समय सीमा खत्म हो गई है, इसलिए जिन मालिकों ने अपनी गाड़ियों के लिए दावा नहीं किया, उनकी गाड़ियां टो (towing) करके हटाई जा रही हैं।

दावा न करने पर होगी निलामी

उन्होंने कहा कि महीनों से सार्वजनिक सड़कों पर खड़ी लावारिस गाड़ियों से लाखों लोगों को परेशानी हो रही है। ये न सिर्फ सड़कों और फुटपाथों पर रुकावट डालती हैं, बल्कि शहर की खूबसूरती भी खराब करती हैं। मंत्री ने बताया कि जब्त की गई गाड़ियों को 15 दिनों तक GBA परिसर में रखा जाएगा, जिसके बाद अखबारों में सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी। अगर इसके बाद भी मालिक दावा करने नहीं आते हैं, तो गाड़ियों की कानूनी तौर पर नीलामी कर दी जाएगी।

लंबे समय से खड़े वाहनों पर कार्रवाई

उन्होंने कहा, "सड़कें और फुटपाथ सार्वजनिक संपत्ति हैं, न कि प्राइवेट पार्किंग की जगह। नागरिकों को सार्वजनिक जगहों पर अपनी गाड़ियां छोड़ने से बचना चाहिए।" कृष्णा बायरे गौड़ा ने साफ किया कि प्रशासन कुछ समय के लिए खड़ी गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, "अगर कोई गाड़ी एक-दो दिन या घर के बाहर थोड़ी देर के लिए खड़ी है, तो कोई समस्या नहीं है। लेकिन अगर कोई गाड़ी सार्वजनिक जगह पर एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बिना किसी देखभाल के खड़ी रहती है, तो उसे हटा दिया जाएगा।"

4,249 लावारिस गाड़ियों की पहचान

मंत्री के अनुसार, बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने शहरभर में 2,751 लावारिस गाड़ियों की पहचान की है। वहीं, नागरिकों ने 'अस्त्रम' (Astram) ऐप के जरिए 1,498 गाड़ियों के बारे में शिकायतें दर्ज कराई हैं। इस तरह, पिछले 15 दिनों में कुल 4,249 लावारिस गाड़ियों की पहचान की गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे ऐप के जरिए ऐसी गाड़ियों की जानकारी दें ताकि हर शिकायत पर कार्रवाई की जा सके। अब तक 1,034 गाड़ियों पर नोटिस लगाए जा चुके हैं। 

72 मालिकों ने भरा जुर्माना 

1,034 में से 72 मालिकों ने जुर्माना भर दिया है और अपनी गाड़ियां वापस ले ली हैं। मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण और लावारिस गाड़ियों से मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जारी रहेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बेंगलुरु की सड़कें पैदल चलने वालों के लिए साफ़ और सुरक्षित बनी रहें।

 

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