शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं करने वाले अधिकारियों का रुकेगा वेतन, डीएम गौरांग राठी ने दिए सख्त निर्देश

खबर सार :-

IGRS समीक्षा बैठक में खराब फीडबैक पर असंतोष जताया गया, 3,869 शिकायतों में से 1,940 पर असंतोषजनक फीडबैक मिलने के बाद अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया गया।
शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं करने वाले अधिकारियों का रुकेगा वेतन, डीएम गौरांग राठी ने दिए सख्त निर्देश

खबर विस्तार : -

झांसी: जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं करने वाले अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आयोजित आईजीआरएस, ऑनलाइन शिकायतों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 की समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय एवं शासन स्तर पर आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा की जा रही है। ऐसे में प्रत्येक विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वह अपने विभाग से संबंधित असंतुष्ट, रिपीटेड और डिफॉल्टर शिकायतों का स्वयं स्थलीय सत्यापन करें। साथ ही शिकायतकर्ता से टेलीफोन पर संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि उसकी समस्या का समाधान संतोषजनक ढंग से हुआ है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

3,869 शिकायतों में 1,940 शिकायतकर्ता असंतुष्ट

समीक्षा बैठक के दौरान सामने आए आंकड़ों ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। शासन स्तर पर जनपद की 3,869 निस्तारित शिकायतों का फीडबैक लिया गया, जिनमें से 1,940 शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण पर असंतोष व्यक्त किया। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही वास्तविक सफलता का पैमाना है।

20 विभागों का प्रदर्शन रहा बेहद खराब

डीएम ने बताया कि जिले के लगभग 20 विभागों का प्रदर्शन अत्यंत निराशाजनक रहा है। इन विभागों में शिकायतकर्ताओं का फीडबैक शत-प्रतिशत असंतोषजनक पाया गया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। संबंधित अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

गरौठा, टहरौली और एलडीएम पर जताई नाराजगी

तहसीलों की समीक्षा के दौरान भी कई गंभीर खामियां सामने आईं। तहसील गरौठा में 75 शिकायतों में से 57 तथा टहरौली तहसील में 55 शिकायतों में से 42 शिकायतों का फीडबैक असंतोषजनक मिला। वहीं पंजाब नेशनल बैंक के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) द्वारा निस्तारित 21 शिकायतों में से 15 शिकायतकर्ताओं ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।

समाज कल्याण विभाग की स्थिति चिंताजनक

समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान भी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। विभाग की 275 शिकायतों का फीडबैक प्राप्त किया गया, जिनमें 146 शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण पर असंतोष जताया। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए कहा कि जनता से जुड़े विभागों में इस प्रकार की कार्यशैली किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

शिकायतकर्ता से संपर्क करना होगा अनिवार्य

डीएम गौरांग राठी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शिकायत का निस्तारण करने के बाद संबंधित शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क किया जाए, उसकी संतुष्टि का फीडबैक लिया जाए और उसे पोर्टल पर दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोका जाएगा।

उन्होंने पंचायती राज विभाग, नगर पालिका, नगर पंचायत, खंड विकास अधिकारियों तथा जल संस्थान को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक शिकायत का 100 प्रतिशत स्थलीय निरीक्षण करें और शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत संपर्क कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करें।

रिपीटेड शिकायतों पर होगी विशेष निगरानी

बैठक में जिलाधिकारी ने बार-बार आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग में एक ही प्रकार की शिकायतें लगातार आ रही हैं तो संबंधित अधिकारी स्वयं उनकी समीक्षा करें और अधीनस्थ कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक में नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) योगेंद्र कुमार ने अधिकारियों को जनसंवाद के दौरान शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेकर उसे समय से पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। ईडीएम आकाश रंजन ने बताया कि जून माह में कई विभागों ने शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे जिले की रैंकिंग और शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता प्रभावित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल सहित सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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