झांसी में जमीन विवाद को लेकर साधुओं पर हमला, फायरिंग और लूट का आरोप, पांच नामजद समेत कई पर मुकदमा

खबर सार :-

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
झांसी में जमीन विवाद को लेकर साधुओं पर हमला, फायरिंग और लूट का आरोप, पांच नामजद समेत कई पर मुकदमा

खबर विस्तार : -

झांसी: शहर कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव गेट के बाहर स्थित बाबा का अटा (डड़ियापुरा) इलाके में जमीन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। महंत की शिकायत के अनुसार, कथित तौर पर जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर आधा दर्जन से अधिक लोगों ने साधुओं पर लाठी-डंडों और तमंचों से हमला कर दिया। शिकायत में मारपीट के दौरान फायरिंग किए जाने और कुटिया में रखे 12 हजार रुपये ले जाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कुटिया की जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, बाबा का अटा क्षेत्र में महंत वैदेही वल्लभ शरण की आवासीय भूमि पर वर्षों से साधुओं की कुटिया बनी हुई है, जहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियां संचालित होती हैं। महंत का दावा है कि संबंधित भूमि उनके अधिकार क्षेत्र में है।

शिकायत के अनुसार, कुछ लोग कथित तौर पर जमीन पर कब्जा करने की नीयत से मौके पर पहुंचे और कुटिया की चारदीवारी तोड़ने लगे। जब वहां मौजूद साधुओं ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई।

मारपीट के दौरान फायरिंग का आरोप

महंत की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने साधु किशोरी शरण और दिवाकर उपाध्याय के साथ मारपीट की। इसी दौरान एक आरोपी ने कथित तौर पर तमंचे से फायरिंग कर दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और क्षेत्र में दहशत फैल गई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जाते समय आरोपियों ने दोबारा जमीन पर आने पर जान से मारने की धमकी दी।

12 हजार रुपये ले जाने का भी आरोप

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मारपीट और फायरिंग के दौरान हमलावर कुटिया में रखे करीब 12 हजार रुपये भी अपने साथ ले गए। घटना के बाद साधुओं ने पुलिस को सूचना दी और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पांच नामजद सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा

कोतवाली पुलिस ने महंत वैदेही वल्लभ शरण की तहरीर के आधार पर दिलीप पाण्डेय, नत्थू कुशवाहा, जैद रिजवान, अरविंद कुमार यादव सहित पांच नामजद आरोपियों तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, लूट, जान से मारने की धमकी, फायरिंग और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों का सत्यापन किया जाएगा। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी विवादों में शामिल होने का आरोप

महंत ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि नामजद आरोपी पहले भी शहर की कई बेशकीमती जमीनों से जुड़े विवादों में शामिल रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनके हौसले बढ़े हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश

कोतवाली पुलिस के अनुसार, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल पर इस तरह की हिंसक घटना और कथित फायरिंग से लोगों में भय का वातावरण बना है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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