लखनऊ नगर निगम; यहां काम से ज्यादा मिलते हैं निर्देश
खबर सार :-
यह तो सभी को मालूम है की बरसात के दिन शुरू हो गए हैं। इन दिनों में अगर बंद गाड़ियों में घूमने का मौका मिल जाए और वह गाड़ियां सरकारी हों तो मजा ही कुछ और है।
खबर विस्तार : -
लखनऊ, यह तो सभी को मालूम है की बरसात के दिन शुरू हो गए हैं। इन दिनों में अगर बंद गाड़ियों में घूमने का मौका मिल जाए और वह गाड़ियां सरकारी हों तो मजा ही कुछ और है। केवल एक नहीं, जब कई और गाड़ियां साथ में हों, इन गाड़ियों का भी पैसा सरकारी खजाने से निकाला जाए तो भला इसमें आनंद किसको नहीं आएगा। कुछ यही हालत है लखनऊ के नगर निगम की। हर साल लखनऊ की नाली और नालियां उफनाने लगते हैं। बस्तियों में पानी भरने लगता है। महत्वपूर्ण चौराहों में भी घंटाें पानी की निकासी नहीं हो पता है। यह बात लखनऊ नगर निगम के छोटे से बड़े अफसर तक को मालूम है। यह भी मालूम है कि इस साल भी अभी तक लखनऊ के हर नाले नाली की सफाई नहीं हो सकी है। कचरा इतना भरा हुआ है कि अगर 24 घंटे तक लगातार बारिश हो, तो बस्तियां डूबने की कगार में पहुंच जाएंगी। इसके बाद भी महापौर और नगर आयुक्त अपनी टीम के साथ निरीक्षण के लिए निकल रहे हैं।
जोनल अधिकारियों के पास सुनवाई नहीं हो रही
जहां कहीं भी यह लोग निरीक्षण के लिए पहुंच रहे हैं, कमियां तो सामने आ ही जाती हैं। तमाम चाहने के बाद भी जोनल अधिकारी इनको छिपा नहीं सकते हैं। वह छिपाएं भी तो क्यों, क्योंकि करवाई तो केवल दिखावे के लिए होती है। लखनऊ नगर निगम का रिकॉर्ड रहा है कि जब किसी अधिकारी से अनबन हो जाती है तो बडी करवाई उस पर होती है। पिछले साल जलकर के एक अवसर के साथ जिस तरह से अनबन हुई थी, उसको प्रदेश के बड़े अफसर ही नहीं मंत्री तक जानते हैं । जिस किसी बस्ती में जोनल अधिकारियों के पास शिकायत लेकर लोग जाते हैं, वहां सुनवाई नहीं हो रही है और यदि वह आगे जाने की बात कहते हैं तो जोनल अफसर सीधा कह देते हैं की जांच तो हमारे ही पास आएगी।
निर्माणाधीन नाले में तेजी लाने के निर्देश
वाह भाई वाह! बढ़िया है, लखनऊ नगर निगम की जांच व्यवस्था। क्यों ना अवसर बरसात में सरकारी गाड़ियों पर बैठकर घूमने का आनंद लें। शुक्रवार को भी जोन दो में कुंडरीरकाब गंज स्थित रामनगर क्षेत्र में कई अफफसर गए, वह गए सिर्फ इसलिए, क्योंकि उन्हें निरीक्षण करना था। सवाल तो सीधा यह है की बारिश के दिनों में नाले का निर्माण पूरा क्यों नहीं हो सका। इसका सटीक जवाब तो नहीं मिलेगा। खुद नगर आयुक्त गौरव कुमार टीम के साथ वहां पहुंचे थे। उन्होंने रामनगर क्षेत्र में निर्माणाधीन नाले का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाले के निर्माण कार्य में विलंब के कारण स्थानीय नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए कार्य को समय में गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। सवाल यह है कि यह समय अवधि कब की है? आखिर बारिश से पहले समय अवधि क्यों नहीं दी गई, जबकि लोगों को तकलीफ हो रही है।
स्वच्छता एवं आवागमन में सुविधा के निर्देश
इसी तरह नाले से निकलने वाले मालवा से बस्ती के लोगों को परेशान कर रही है। नगर आयुक्त को यह सब मालूम है। लेकिन उन्होंने किसी पर कार्रवाई नहीं की। जोनल अधिकारी जोनल सेनेटरी ऑफिसर को उन्होंने आसपास क्षेत्र में स्वच्छता एवं आवागमन में सुविधा के निर्देश जरूर दिए। रामनगर में ही कई स्थानों पर निर्माण एवं संबंधित सामग्री मिल रही है। इसके अनियंत्रित निस्तारण पर प्रभावी निगरानी सुरक्षित सुनिश्चित करने के लिए संसाधन हैं, लेकिन समाधान नहीे हो सका। ऐसी ही साफ पानी के रिसाव की जानकारी भी नगर आयुक्त को मिली। महाप्रबंधक जलकर को आवश्यक मरम्मत कार्य की निर्देश दिए, पेयजल की अनावश्यक बर्बादी रोकने के लिए कहा।
पुलिया पर जाल लगाने के लिए निर्देश
न्यू तिलक नगर क्षेत्र में नाले की पुलिया का निरीक्षण किया। नगर अभियंता को पुलिया पर जाल लगाने के लिए निर्देशित किया। पुराने बाढ़ पंपिंग स्टेशन को देखा। इसके अपग्रेडेशन का प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यहां की यह परेशानी पहली बार की नहींै है। बरसात के दौरान जल भराव की समस्या इस क्षेत्र में भी आती है। उन्होंने इससे निपटने के लिए पंपिंग स्टेशन की क्षमता एवं कार्य क्षमता को सुधार किए जाने के लिए ।
सरकारी भूमि के चिन्हांकन के निर्देश
पंपिंग स्टेशन के समीप स्थित सरकारी भूमि का निरीक्षण करते हुए नगर आयुक्त ने प्रभारी संपत्ति अधिकारी को भूमि का चिन्हांकन कर उसकी फेंसिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उक्त भूमि को सुरक्षित रखते हुए भविष्य में जनहित एवं नगर निगम की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोग में लाया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने रामनगर स्थित बड़े नाले की निरंतर व्यापक सफाई कराने के निर्देश नगर अभियंता को दिए। साथ ही उन्होंने सफाई कार्य पूर्ण होने के उपरांत उसकी फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिएए ताकि कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके।
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