सचिन पायलट की मौजूदगी में वेदप्रकाश सोलंकी का 9 दिन बाद आमरण अनशन समाप्त, जांच पूरी करने का आश्वासन
खबर सार :-
चाकसू में 9 दिनों से चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म हो गई है, सचिन पायलट ने जूस पिलाकर इसे समाप्त कराया,तीन महीने के भीतर जांच का आश्वासन दिया गया है, सोलंकी का आरोप है कि पीड़ितों के चेक रोक दिए गए थे ताकि दूसरे लोग इसका श्रेय ले सकें।
खबर विस्तार : -
जयपुरः जयपुर जिले के चाकसू में सिकोईडिकॉन से जुड़ी राजस्थानी महिला सेवा सहकारी समिति के पीड़ित खाताधारकों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी का पिछले नौ दिनों से जारी आमरण अनशन शनिवार को समाप्त हो गया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट धरना स्थल पहुंचे। सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ हुई विस्तृत वार्ता के बाद विभाग की ओर से समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर पायलट ने वेदप्रकाश सोलंकी को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
धरना स्थल पर सहकारिता विभाग के अतिरिक्त रजिस्ट्रार, उप रजिस्ट्रार और समिति के प्रशासक के साथ हुई बैठक में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी खाताधारकों की 15 दिनों के भीतर केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जबकि पूरे मामले की जांच तीन महीने के भीतर पूरी की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि स्वयं सहायता समूहों को दिए गए ऋण की रिकवरी के बाद खाताधारकों की जमा राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
करीब 1500 लोगों के 9 करोड़ रुपये फंसे

चाकसू स्थित राजस्थानी महिला सेवा सहकारी समिति में क्षेत्र के लगभग 1500 लोगों ने बेहतर निवेश और सुरक्षित बचत के भरोसे करीब नौ करोड़ रुपये जमा कराए थे। अधिकांश लोगों ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के रूप में अपनी जीवनभर की बचत समिति में निवेश की थी। लेकिन एफडी की अवधि पूरी होने के बाद जब खाताधारक अपनी जमा राशि लेने पहुंचे तो उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा।
पीड़ितों के अनुसार मार्च 2026 में समिति का कार्यालय बंद मिला। इसके बाद से खाताधारक अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
2021 के बाद बढ़ा आर्थिक संकट
जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 में समिति का गठन करने वाली सिकोईडिकॉन संस्था ने स्वयं को समिति से अलग कर लिया था। संस्था ने अपनी जमा पूंजी भी निकाल ली, जबकि स्वयं सहायता समूहों को दिए गए ऋण की वसूली नहीं हो सकी। इसके चलते समिति आर्थिक संकट में आ गई और खाताधारकों को भुगतान रुक गया। तब से हजारों परिवार अपनी जमा राशि वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
10 जुलाई से शुरू किया था आमरण अनशन
पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने 10 जुलाई को चाकसू के अंबेडकर सर्किल पर आमरण अनशन शुरू किया था। उनका कहना था कि जब तक सरकार पीड़ित परिवारों की जमा पूंजी लौटाने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना नहीं बनाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
शनिवार को सचिन पायलट के धरना स्थल पहुंचने पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पायलट के स्वागत में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाईं और साफा बांधा। इस दौरान पूरा पंडाल "सचिन पायलट जिंदाबाद" के नारों से गूंज उठा।
वार्ता के बाद बनी सहमति
धरना स्थल पर हुई बैठक में सहकारिता विभाग के अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद विभाग ने समयबद्ध कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। अधिकारियों ने 15 दिनों में केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने और तीन महीने के भीतर जांच समाप्त करने की बात कही। इसी सहमति के बाद सचिन पायलट ने वेदप्रकाश सोलंकी को जूस पिलाकर उनका आमरण अनशन समाप्त कराया।
सोलंकी बोले- न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा
अनशन समाप्त होने के बाद पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने कहा कि यह केवल उनके अनशन का समापन है, लेकिन पीड़ित खाताधारकों को न्याय दिलाने की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि तीन महीने के भीतर जांच पूरी नहीं हुई और पीड़ितों की जमा राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में सरकार और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
वेदप्रकाश सोलंकी ने चाकसू विधायक रामावतार बैरवा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि आंदोलन के दबाव के बाद प्रशासन ने कुछ पीड़ित महिलाओं को भुगतान देने के लिए सहकारी समिति से चेक तैयार करवा लिए थे और इन्हें धरना स्थल पर वितरित किया जाना था। लेकिन वर्तमान विधायक ने राजनीतिक श्रेय लेने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्री से बातचीत कर चेक वितरण रुकवा दिया। हालांकि, इस संबंध में विधायक रामावतार बैरवा की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना स्थल पर दौसा विधायक डीसी बैरवा, मसूदा के पूर्व विधायक राकेश पारीक, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव कविता गुर्जर, पीसीसी सदस्य हरिनारायण चौधरी, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव लालाराम धाकड़, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष भरत लाल मीणा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजेंद्र गुर्जर, समाजसेवी जयनारायण अमावता, लल्लू लाल कुमावत, पवन खारोल, अब्दुल हमीद खोखर, सीताराम गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता, युवा, ग्रामीण और पीड़ित खाताधारक मौजूद रहे। आंदोलन के समापन के दौरान भी बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही।
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