रेलवे की मालगाड़ियों की सुरक्षा अब AI के भरोसे, 50 सेकंड में होगी पूरी रैक की जांच

खबर सार :-

रेलवे का मानना है कि AI आधारित यह आधुनिक सुरक्षा प्रणाली मालगाड़ियों की निगरानी को नई तकनीकी मजबूती प्रदान करेगी। इससे माल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, सुरक्षा व्यवस्था अधिक विश्वसनीय बनेगी और देशभर में माल परिवहन को पहले से अधिक सुरक्षित एवं दक्ष बनाया जा सकेगा।
रेलवे की मालगाड़ियों की सुरक्षा अब AI के भरोसे, 50 सेकंड में होगी पूरी रैक की जांच

खबर विस्तार : -

झांसीः भारतीय रेलवे अपने आधुनिकीकरण अभियान को नई गति देते हुए अब मालगाड़ियों (गुड्स ट्रेन) की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने जा रहा है। इस नई तकनीक के जरिए चलती मालगाड़ियों के डिब्बों के दरवाजों की लॉकिंग, छेड़छाड़ और अन्य सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर रीयल-टाइम निगरानी रखी जाएगी। रेलवे का मानना है कि इससे माल की चोरी पर रोक लगाने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।

हाई-टेक सुरक्षा होगी प्रणाली लागू 

रेलवे की आय में यात्री टिकटों के साथ-साथ माल परिवहन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान व्यवस्था में लंबी दूरी तक चलने वाली मालगाड़ियों की जांच मैन्युअल रूप से की जाती है। कई बार सफर के दौरान डिब्बों के दरवाजे खुल जाने या उनके साथ छेड़छाड़ होने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ने के साथ माल चोरी की आशंका भी बनी रहती है।

इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए रेलवे अब AI आधारित हाई-टेक सुरक्षा प्रणाली लागू कर रहा है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि पूरी मालगाड़ी की जांच महज 50 सेकंड में पूरी हो जाएगी। यदि किसी डिब्बे का दरवाजा ठीक से बंद नहीं है या उसके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है, तो सिस्टम तत्काल इसकी पहचान कर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट भेज देगा।

नई व्यवस्था के तहत चिन्हित रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील स्थानों पर प्रत्येक ट्रैक के लिए दो-दो हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों से गुजरने वाली प्रत्येक मालगाड़ी की रिकॉर्डिंग होगी। कैमरों से प्राप्त फुटेज का विश्लेषण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के माध्यम से स्वतः किया जाएगा। इसके आधार पर विस्तृत डिजिटल रिपोर्ट तैयार होगी, जिसे रेलवे बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियां देश के किसी भी हिस्से से देख सकेंगी।

संदिग्ध गतिविधि पर रहेगी नजर

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मौजूदा व्यवस्था में 58 वैगनों वाली एक मालगाड़ी की जांच के लिए तीन से चार रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कर्मियों की आवश्यकता पड़ती है और इसमें 30 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लग जाता है। AI आधारित प्रणाली लागू होने के बाद यही कार्य बिना मानवीय हस्तक्षेप के मात्र 50 सेकंड में पूरा हो जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक सटीक और प्रभावी बनेगी।

नई तकनीक का सबसे अधिक लाभ पेट्रोलियम, डीजल, गैस तथा अन्य ज्वलनशील और संवेदनशील सामान ले जाने वाली मालगाड़ियों की निगरानी में मिलेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या डिब्बे के साथ छेड़छाड़ की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल सूचना मिल जाएगी, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने झांसी मंडल से गुजरने वाली महत्वपूर्ण मालगाड़ियों की सूची भी तैयार कर ली है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त जितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार योजना के तहत झांसी सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों और चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों से प्राप्त डाटा का AI के माध्यम से विश्लेषण कर डिजिटल रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसका रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा।

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