असम में बाढ़ से 24 घंटे में 6 और मौतें, खतरे के निशान के ऊपर बह रहीं कई नदियां

खबर सार :-

असम में बाढ़ से 11 जिले प्रभावित हैं। गुरुवार को 6 और लोगों की मौत की पुष्टि होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। बुढ़ीदिहिंग, दिसांग, दिखौ, धनसिरी आर कुशियारा नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। भारी बरसात के कारण गुवाहाटी के निचले इलाकों में जल जमाव हो गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्य जारी है। वहीं, बाढ़ से कई सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है।
असम में बाढ़ से 24 घंटे में 6 और मौतें, खतरे के निशान के ऊपर बह रहीं कई नदियां

खबर विस्तार : -

गुवाहाटी: लगातार बारिश की वजह से असम में बाढ़ के हालात बहुत गंभीर हो गए हैं। 23 जुलाई को असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में छह और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 47 हो गई है।

गुरुवार रात हुई भारी बारिश के कारण गुवाहाटी के निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर पानी जमा होने से ट्रैफिक बाधित हुआ, जिससे लोगों को घर पहुंचने के लिए लंबे समय तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहना पड़ा। पानी भरने का असर आज भी गुवाहाटी के कई हिस्सों में दिख रहा है।

11 जिले बाढ़ से प्रभावित

फिलहाल कुल 11 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें गोलाघाट, होजई, कामरूप, चराइदेव, जोरहाट, डिब्रूगढ़, शिवसागर, नगांव, कामरूप (मेट्रो), कार्बी आंगलोंग और तिनसुकिया शामिल हैं। इन 11 जिलों के 37 राजस्व क्षेत्रों (रेवेन्यू सर्कल) में कुल 883 गांव प्रभावित हुए हैं। राज्यभर में 7,21,024 लोग और 25,375.443 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी पानी में डूबी हुई है। 

खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं नदियां

असम में खतरे के निशान से ऊपर बहने वाली नदियों में बुढ़ीदिहिंग (चेनीमारी और खोवांग में), दिसांग (नांगलामुराघाट में), दिखो (शिवसागर में), धनसिरी (नुमालीगढ़ में) और कुशियारा (श्रीभूमि में) शामिल हैं। 

103 राहत शिविरों में रह रहे 24,124 लोग

राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कुल 358 शिविर बनाए हैं, जिनमें 103 राहत शिविर और 255 राहत वितरण केंद्र शामिल हैं। जहां 24,124 लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है, वहीं 239,864 लोग (जो शिविरों में नहीं रह रहे हैं) राहत वितरण केंद्रों पर मदद ले रहे हैं।

बाढ़ से कुल 371,609 जानवर प्रभावित

23 जुलाई को बाढ़ के पानी से छह शव बरामद किए गए: दो चराइदेव में और चार शिवसागर में। बाढ़ से कुल 371,609 जानवर प्रभावित हुए हैं, जिनमें 110,393 बड़े जानवर, 78,107 छोटे जानवर और 183,109 पोल्ट्री पक्षी शामिल हैं। इस बीच, जोरहाट जिले के 23 और चराइदेव जिले के 131 जानवर बाढ़ के पानी में बह गए।

गुरुवार को आठ कच्चे घरों को नुकसान

SDRF, DDRF, NDRF, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (F&ES), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जैसी एजेंसियां ​​बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं। इसके अलावा, रिपोर्टों से पता चलता है कि गुरुवार को आठ कच्चे (अस्थायी/मिट्टी के) घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 173 चिकित्सा दल तैनात

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राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 173 चिकित्सा दल तैनात किए हैं और राहत कार्यों में 80 नावें लगाई गई हैं। बाढ़ के पानी में फंसे 4,455 लोगों को निकालने और पांच जानवरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया गया। बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित शिवसागर जिले में राहत कार्यों के लिए एक हेलीकॉप्टर भी तैनात किया गया है। 

राज्य सरकार द्वारा बांटी गई राहत सामग्री

राज्य सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच वितरित राहत सामग्री में चावल (2,539.523 क्विंटल), दालें (551.383 क्विंटल), नमक (107.0165 क्विंटल) और सरसों का तेल (8,620.92 लीटर) साथ ही जानवरों का चारा, विशेष रूप से गेहूं का चोकर (2,089.57 क्विंटल) और चावल का चोकर (41.02 क्विंटल) भी बांटे गए।

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मुख्यमंत्री ने दिया मदद का भरोसा

बुधवार को सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों - शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को गोलाघाट और डिब्रूगढ़ जिलों में राहत शिविरों और प्रभावित इलाकों का दौरा किया ताकि हालात का जायजा ले सकें। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस बीच, असम सरकार के मंत्री बिमल बोराह, केशव महंता, अजंता नियोग और अतुल बोराह, कई विधायकों के साथ, लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और राहत कार्यों में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।

सदन में बाढ़ की स्थिति पर होगी विस्तृत चर्चा

बाढ़ से सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। विपक्ष बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सरकार के साथ चर्चा की मांग कर रहा है। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष रंजीत दास ने कहा है कि जल्द ही सदन में बाढ़ की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

FAQ

असम में हर साल क्यों आती है बाढ़?

असम के पड़ोसी राज्यों अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में जून से सितंबर के बीच लगातार और भारी वर्षा होती है। इन पहाड़ी क्षेत्रों का पानी असम की ओर आता है। इसके अलावा ब्रह्मपुत्र और इसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आती है।

इस साल बाढ़ से कितना नुकसान?

असम में इस साल बाढ़ से 11 जिलों के 883 गांव प्रभावित हैं। गुरुवार को 6 और लोगों की पुष्टि हुई है, जिसके बाद राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 47 पहुंच गई है।

बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार क्या कर रही है?

असम सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए कुल 358 राहत शिविर बनाए हैं। जहां 24 हजार से अधिक लोग रह रहे हैं और उन्हें राशन की सुविधा भी दी जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 173 चिकित्सा दल तैनात हैं। राहत व बचाव कार्य जारी है।


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