गुजरात की पुलिस गरबा आयोजनों में 24 घंटे तैनात, महिला उद्यमियों ने बड़ोदरा में लगाए हैं स्टॉल

खबर सार :-

गुजरात में महिला उद्यमियों को सरकार ने कई अवसरों पर प्रोत्साहित किया है। इनको रोजगार से जोड़ा जा रहा है। महिलाएं अब नतीजा भी दे रही हैं। गरबा के दौरान वह स्टॉलों पर रहती हैं। उनके खुद के स्टॉल और उन पर इनके तैयार उत्पाद बिक रहे हैं।
Vadodara में सुबह चार बजे तक होते हैं गरबा डांस, रातभर होती है स्टॉलों पर विक्री

खबर विस्तार : -

बड़ोदरा, गुजरात के बड़ोदरा में इन दिनों गरबा की धूम मची हुई है। यहां नवरात्र के अवसर पर धूमधाम के साथ गरबा खेला जाता है। इन गरबा के आयोजनों के बीच एक नई चीज देखने को मिल रही है। इस बार शहर के प्रसिद्ध गरबा मैदानों में महिला उद्यमियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। इन महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने शी टीम तैयार की है। गरबा के स्थान में दुकान और महिलाओं की सुरक्षा इन शी टीम के हवाले कर दी है। कोरोना काल के बाद से गुजरात में आत्मनिर्भर बनाने और आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने कई प्रयोग किए हैं। इनमें दिवाली और दशहरा के दौरान मिट्टी से बनाई गई मूर्तियों और दीपक के व्यवसाय को प्रोत्साहन देकर बिक्री कराई जाती है। वहीं इस बार भी गरबा में सरकार ने महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया है। 

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मांग आधारित वस्तुओं की विक्री हो रही

इसी कड़ी में महिलाओं ने ग्राहकों की मांग के अनुसार अपने स्टाल लगाए हैं। सुरक्षा के लिहाज से ग्राहकों और उद्यमियों दोनों के लिए पुलिस टीम लगाई गई हैं। इनके लिए सुरक्षा प्राथमिकता बनी हुई है। इसीलिए प्रमुख गरबा मैदानों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए शी टीम हर समय तैनात रहती है। उद्यमियों का कहना है कि रात में ज्यादातर आयोजन होते हैं। इसलिए डर रहता है, लेकिन पुलिस ने जो सहयोग किया है, वह सराहनीय है।

उनके स्टाल बढ़ाए जा रहे हैं। अभी कई दिन और गरबा के आयोजन होते रहेंगे। इसलिए ग्राहकों की मांग के अनुसार, स्टॉल भी बढ़ाए जाएंगे। महिला ग्राहकों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की प्रशंसा की है। साथ ही उनका कहना है कि राज्य सरकार के सराहनीय कदमों के चलते उन्हें गरबा के दौरान ही मोहन वस्तुएं खरीदने को मिल रही हैं। महिला उद्यमियों ने कहा है कि सरकार के प्रोत्साहन के बाद उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। 

सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ोदरा की प्रशंसा हो रही 

बड़ोदरा को सुरक्षित शहर बताते हुए कह रही हैे कि गरबा का आनंद लेने को यहीं मिलता है। यहां किसी प्रकार का भय नहीं है। एक महिला ने कहा कि पुलिस ने गरबा के दौरान शी टीम बनाकर अच्छी पहल की है और इसीलिए लोगों का विश्वास भी पुलिस के प्रति बढ़ा है। जहां पर भी गरबा के आयोजन होते हैं, महिलाएं वहां पहुंचती हैं। बाहर भी उन्हें सुरक्षा का माहौल मिल जाता है। एक अन्य महिला बोलती है कि उत्सव के दौरान हर रोज तीन चार बज जाते हैं। इस समय घर जाते समय उन्हें डर रहता है। स्टॉल पर भी उन्हें ऐसा महसूस होता था कि शायद कोई खतरे का सामना न करना पड़े, लेकिन यहां पर थोड़ी-थोड़ी देर में पुलिस की टीम आती रहती है। वह अपने स्तर से जांच पड़ताल भी करती है। कई जगह पर सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। 

पुलिस ने बना रखी है क्विक ऐक्शन टीम

कंट्रोल रूम से उनकी भी निगरानी की जाती है। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से डीपी मंजीता वंजारा ने कहां है कि बड़ोदरा शहर में काफी उत्साह है। यहां का नवरात्र काफी दूर तक प्रसिद्ध है। गरबा भी अलग-अलग पंडाल में खेला जा रहा है। यहां कई टीमें बनाई गई हैं। वह टीम लोगों की सुरक्षा के लिए हैं। पुलिस की इन टीमों में बराबर तालमेल है। इनके बीच पुलिस अधिकारी भी रहते हैं। गरबा खत्म होने पर जब महिलाएं घर लौटती हैं, वह टीम रूट पर भी निगरानी रखती है। उन्होंने बताया कि क्विक रिस्पांस टीम और डायल 112 के साथ कंट्रोल रूम बराबर सक्रिय रहता है। पुलिस की प्रशंसा कई राज्यों में की जा रही है, क्योंकि यहां का गरबा विश्व विख्यात है।

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बड़ोदरा, गुजरात के बड़ोदरा में इन दिनों गरबा की धूम मची हुई है। यहां नवरात्र के अवसर पर धूमधाम के साथ गरबा खेला जाता है। इन गरबा के आयोजनों के बीच एक नई चीज देखने को मिल रही है। इस बार शहर के प्रसिद्ध गरबा मैदानों में महिला उद्यमियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। इन महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने शी टीम तैयार की है। गरबा के स्थान में दुकान और महिलाओं की सुरक्षा इन शी टीम के हवाले कर दी है। कोरोना काल के बाद से गुजरात में आत्मनिर्भर बनाने और आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने कई प्रयोग किए हैं। इनमें दिवाली और दशहरा के दौरान मिट्टी से बनाई गई मूर्तियों और दीपक के व्यवसाय को प्रोत्साहन देकर बिक्री कराई जाती है। वहीं इस बार भी गरबा में सरकार ने महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया है। 

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मांग आधारित वस्तुओं की विक्री हो रही

इसी कड़ी में महिलाओं ने ग्राहकों की मांग के अनुसार अपने स्टाल लगाए हैं। सुरक्षा के लिहाज से ग्राहकों और उद्यमियों दोनों के लिए पुलिस टीम लगाई गई हैं। इनके लिए सुरक्षा प्राथमिकता बनी हुई है। इसीलिए प्रमुख गरबा मैदानों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए शी टीम हर समय तैनात रहती है। उद्यमियों का कहना है कि रात में ज्यादातर आयोजन होते हैं। इसलिए डर रहता है, लेकिन पुलिस ने जो सहयोग किया है, वह सराहनीय है।

उनके स्टाल बढ़ाए जा रहे हैं। अभी कई दिन और गरबा के आयोजन होते रहेंगे। इसलिए ग्राहकों की मांग के अनुसार, स्टॉल भी बढ़ाए जाएंगे। महिला ग्राहकों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की प्रशंसा की है। साथ ही उनका कहना है कि राज्य सरकार के सराहनीय कदमों के चलते उन्हें गरबा के दौरान ही मोहन वस्तुएं खरीदने को मिल रही हैं। महिला उद्यमियों ने कहा है कि सरकार के प्रोत्साहन के बाद उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। 

सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ोदरा की प्रशंसा हो रही 

बड़ोदरा को सुरक्षित शहर बताते हुए कह रही हैे कि गरबा का आनंद लेने को यहीं मिलता है। यहां किसी प्रकार का भय नहीं है। एक महिला ने कहा कि पुलिस ने गरबा के दौरान शी टीम बनाकर अच्छी पहल की है और इसीलिए लोगों का विश्वास भी पुलिस के प्रति बढ़ा है। जहां पर भी गरबा के आयोजन होते हैं, महिलाएं वहां पहुंचती हैं। बाहर भी उन्हें सुरक्षा का माहौल मिल जाता है। एक अन्य महिला बोलती है कि उत्सव के दौरान हर रोज तीन चार बज जाते हैं। इस समय घर जाते समय उन्हें डर रहता है। स्टॉल पर भी उन्हें ऐसा महसूस होता था कि शायद कोई खतरे का सामना न करना पड़े, लेकिन यहां पर थोड़ी-थोड़ी देर में पुलिस की टीम आती रहती है। वह अपने स्तर से जांच पड़ताल भी करती है। कई जगह पर सीसीटीवी भी लगाए गए हैं। 

पुलिस ने बना रखी है क्विक ऐक्शन टीम

कंट्रोल रूम से उनकी भी निगरानी की जाती है। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से डीपी मंजीता वंजारा ने कहां है कि बड़ोदरा शहर में काफी उत्साह है। यहां का नवरात्र काफी दूर तक प्रसिद्ध है। गरबा भी अलग-अलग पंडाल में खेला जा रहा है। यहां कई टीमें बनाई गई हैं। वह टीम लोगों की सुरक्षा के लिए हैं। पुलिस की इन टीमों में बराबर तालमेल है। इनके बीच पुलिस अधिकारी भी रहते हैं। गरबा खत्म होने पर जब महिलाएं घर लौटती हैं, वह टीम रूट पर भी निगरानी रखती है। उन्होंने बताया कि क्विक रिस्पांस टीम और डायल 112 के साथ कंट्रोल रूम बराबर सक्रिय रहता है। पुलिस की प्रशंसा कई राज्यों में की जा रही है, क्योंकि यहां का गरबा विश्व विख्यात है।

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