janbhawan में 5100 से अधिक कन्याओं का पूजन, Governor ने कराया भोज
खबर सार :-
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित जनभवन में आज नवरात्र के अवसर पर कन्याभोज कराया गया। इस दौरान बच्चों को संस्कारवान बनने के लिए प्रेरित किया गया।
खबर विस्तार : -
लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी LUCKNOW स्थित जन भवन शनिवार को शारदीय नवरात्रि की महासप्तमी के लिए समर्पित रहा। धार्मिक आयोजन में भक्तिपूर्ण गीत, नृत्य नाटिका ने सभी का मन मोह लिया। सबसे खास कार्यक्रम कन्याओं को भोज कराना था। इसमें उत्तर प्रदेश की Governor की मौजूदगी में शनिवार को 5100 से अधिक कन्याओं का पूजन किया गया। governor आनंदीबेन पटेल ने कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोज कराया और चुनरी एवं दक्षिणा भेंट की।
बच्चों ने जनभवन देखकर खुशी जताई, क्योेंकि इनमें ज्यादातर बच्चे पहली बार यहां आए हुए थे। जनभवन में राज्यपाल से बच्चों को काफी कुछ सीखने को भी मिला। उन्होंने बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने के तरीके बताए और अच्छे संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहस कि जैसे माता-पिता का सम्मान करना चाहिए, वैसे ही देश की सेवा करने से पीछे नहीे रहना चाहिए। उनकी कही हर बात बच्चे ध्यान से सुन रहे थे।
विद्यार्थियों ने ‘मनुष्य तू बड़ा महान है’ गीत प्रस्तुत किया
जनभवन में ऐसे कम अवसर ही मिल पाते हैं, जिनमें भवन को आसानी से देखा जा सके। इस धार्मिक आयोजन मेें बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। इनको सभी ने पसंद किया। भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का संदेश समझने में इनको थोड़ी दिक्कत जरूर हुई। कार्यक्रम का आयोजन संस्था ‘प्रेरणा’ के तत्वावधान में किया गया। इस दौरान बच्चों ने मां दुर्गा पर आधारित नृत्य-नाटिका और ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ भजन पर भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं।
जन भवन स्थित आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने ‘मनुष्य तू बड़ा महान है’ गीत प्रस्तुत किया। इसमें जीवन और मानव जीवन का महत्व समझाया गया। राज्यपाल यहां कार्यक्रम के दौरान भी रहीं। Governor ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और उनको आगे बढ़ने के लिए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों को तैयार करने वाले शिक्षकों, प्रशिक्षकों और संस्था के सदस्यों की भी प्रशंसा की। इन शिक्षकों ने सांस्कृतिक विरासत समझाने की कोशिश की। भारत का अपना कल्चर है।
शिक्षकों ने बच्चों को भारतीय कल्चर सिखाया
इसे संभालना हम सभी की जिम्मेदारी है। शिक्षकों ने बच्चों को भारतीय कल्चर सिखाया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ सांस्कृतिक, रचनात्मक और खेलकूद गतिविधियां भी जरूरी हैं। इन गतिविधियों से बच्चों की अंतर्निहित प्रतिभा, सृजनात्मकता और कौशल को निखारने का अवसर मिलता है। इन गुणों के साथ ही उनमें अपनी संस्था और परिवार के प्रति अपनत्व की भावना भी विकसित होती है।
राज्यपाल ने बताया कि आदर्श माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे ऐसे परिवारों से आते हैं, जहां कई तरह की कमियां हो सकती हैं। ऐसे में उन्हें उचित अवसर, पोषण और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी का दायित्व है। आजकल बच्चों को उचित माहाल नहीे मिल पा रहा हैै। इससे कुछ अच्छे बच्चे पीछे रह जाते है। बच्चों को ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जिसमें वे सीख सकें, अपनी प्रतिभा को पहचान सकें और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हों।
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त्योहारों पर आयोजित किए जाते हैं सांस्कृतिक कार्यक्रम
यह खुशी का अवसर बना कि राज्यपाल ने जन भवन में बच्चों के लिए इस तरह के और कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।वैसे तो जन भवन का विशाल प्रांगण है। यहां पर हरियाली और स्वच्छ वातावरण भी है। ऐसा वातावरण बच्चों के सीखने तथा रचनात्मक गतिविधियों के लिए उपयोगी है। यहां स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और विभिन्न त्योहारों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए खेलकूद गतिविधियां, क्रिकेट और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं भी कराई जाती हैं।
जनभवन में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली पुष्प प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इसमें एक लाख से अधिक बच्चे, महिलाएं, किसान और अन्य लोग हिस्सा लेते हैं। यह बड़ी बात है। प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाता है। राजभवन अब जनभवन कहा जाता हैं। यहां पर आज राज्यपाल ने बच्चों को खास जानकारियां दीे और प्रेरित किया कि वह निबंध आदि लिखा करेंं।
इनमें गंगोत्री से गंगासागर तक चार धाम यात्रा से संबंधित स्थलों और पंचतंत्र जैसे विषयों की जानकारी हासिल करने, संबंधित स्थानों का भ्रमण करने तथा अपने अनुभवों शामिल हैं। यह अच्छा अवसर रहा जहां पर संस्कार सीखने को मिले। बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अच्छा इंसान बनने और माता-पिता की सेवा एवं सम्मान करने कहा गया और उन्हें आशीर्वाद भी दिया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने भी ज्ञानवर्धक बातें कहीं।
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