Kolkata के चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत, करीब 25 लोग घायल

खबर सार :-

कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में बीती रात भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। इसमें करीब 25 लोग घायल हुए हैं। हादसे को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है।
Kolkata पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने जताया दुख

खबर विस्तार : -

कोलकाता, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन पूजा पंडाल में अचानक भगदड़ मच गई। इसमें 19 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि भगदड़ इतनी तेजी से शुरू हुआ कि इनमें से 17 लोगों की जान मौके पर ही चली गई। एक के ऊपर दूसरा और यह सिलसिला चलता ही रहा। हादसे में कम से कम 25 लोग घायल भी हुए हैं। घायलों में एक-दो की हालत गंभीर भी बनी हुई है। मृतकों में चार पुरुष, दो बच्चे और 13 महिलाएं शामिल हैं।

11 घायलों को एसएसकेएम अस्पताल रेफर किया गया है। अभी सुबह होने पर गंभीर हालत वालों को अन्य अस्पताल शिफ्ट किया जा सकता है। रात में हुए इस हादसे को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा भी किया था। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों की मदद करने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए अस्पतालों को अलर्ट कर दिया था।

हादसे का सामना कर रहे परिवारों के प्रति दुख जताते हुए घोषणा की है कि जान गंवाने वालों के प्रत्येक परिजन को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। कोलकाता में शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी थे। शाह ने अपने सभी कार्यक्रम स्थगित करते हुए कहा है कि वे घायलों से मिलने के लिए रविवार सुबह मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल जाएंगे।

हर मृतक आश्रित को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि

मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि मृतकों के परिवार को हर आश्रित को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और एक को सरकारी नौकरी दी जाएगी। हर घायल को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। एक टीम भी घटना की जांच कर रही है। एसटीएफ और फॉरेंसिक टीमें शामिल होंगी। घटना के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य सचिव से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। हादसे की भयावहता का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है।

यहां पर पूजा पंडाल की भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठाए+ जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पूजा समिति के सभी सदस्यों को थाने में बुलाने के निर्देश रात में ही दे दिए थे। घटना को लेकर चारों ओर जहां अफरातफरी रही। अपनों को तलाशनें में चीखपुकार मची रही। पूजा आयोजक समेत 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। दिन होते ही सीसीटीवी फुटेज की जांच भी कराई जाएगी।

घटना होने के बाद प्रतिमा दर्शन बंद कर दिया गया

सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि रविवार को ही उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एक सिटिंग जज के नेतृत्व में एसआईटी गठित करने की बात कही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। वहीं घटना होने के बाद प्रतिमा दर्शन बंद कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

हादसे के बाद सारे गेट भी बंद कर दिए गए। बताया जा रहा है कि आयोजकों की ओर से ज्यादा भीड़ जुटाने के कारण ऐसा हुआ है। हादसे के लिए मौसम भी एक बड़ा कारण बना। बारिश के कारण पंडाल के बाहर कतार में खड़े लोग आगे बढ़ने लगे। इसी बीच धक्का-मुक्की के बीच कुछ लोग सड़क पर गिर पड़े। यहीं सेे भगदड़ के हालात पैदा हो गए। कुछ लोगों का कहना है कि पंडाल के भीतर एक गोलाकार गलियारा बनाया गया था। इसमें दर्शकों को घूमकर बाहर निकलना था। यह गलियारा भी भीड़ के दबाव में था। 

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