यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: प्रयागराज-सोनभद्र ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना होगी लागू
खबर सार :-
यूपी कैबिनेट ने कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश के आधारभूत ढांचे के विस्तार, महिला सशक्तिकरण, उच्च शिक्षा के विकास, पर्यावरण अनुकूल परिवहन और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
खबर विस्तार : -
लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, परिवहन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने प्रदेश में सड़क संपर्क को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से दो नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू करने, विश्वविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित शोध पीठ स्थापित करने, परिवहन निगम के लिए इलेक्ट्रिक बसों की खरीद सहित कई अहम निर्णय लिए गए। वहीं, विधानमंडल के आगामी मानसून सत्र की तिथियों पर भी मुहर लगाई गई।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रयागराज से सोनभद्र तक लगभग 333 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 26 हजार करोड़ रुपये होगी। यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बीच बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करेगा, जिससे औद्योगिक विकास, निवेश और पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। यह लिंक एक्सप्रेसवे विंध्य क्षेत्र को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मंत्रिमंडल ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए विकासकर्ता के चयन को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर मंजूरी दी। साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किलोमीटर लंबे डायवर्जन निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम बनाई जा सकेगी।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना
महिला शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2025-26 से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त तथा निजी महाविद्यालयों की शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में दिव्यांग छात्राओं, शहीदों के आश्रितों तथा निराश्रित परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है और लगभग 50 हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलने का अनुमान है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शोध पीठ स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत पात्र विश्वविद्यालयों को दो करोड़ रुपये तथा महाविद्यालयों को एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राशि सावधि जमा (एफडी) के रूप में रखी जाएगी और उससे प्राप्त ब्याज का उपयोग शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में किया जाएगा।
श्रमजीवी छात्रावास
महिला कल्याण के क्षेत्र में वाराणसी में 500 छात्राओं की क्षमता वाले मुख्यमंत्री श्रमजीवी छात्रावास के निर्माण को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त कामकाजी महिलाओं के लिए 500 बेड वाले छात्रावास के निर्माण का भी निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा और रोजगार के लिए अन्य जिलों से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सकेगा।
नई इलेक्ट्रिक बसें
परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के लिए 220 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
ब्याजमुक्त ऋण
कैबिनेट ने महिला कल्याण विभाग के लिपिकीय कर्मचारियों की सेवा नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी। साथ ही उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम को पोर्टल संचालन और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए 20 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा राज्यपाल सचिवालय एवं घरेलू सेवा से संबंधित नई सेवा नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
स्टांप एवं पंजीयन विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत कानपुर नगर में उप-निबंधक कार्यालय के नए भवन के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इससे आम नागरिकों को पंजीयन संबंधी सेवाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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