Kerala Assembly Elections : रेवंत रेड्डी और विजयन के बीच तीखी नोकझोंक के बीच राजनीतिक जंग चरम पर
खबर सार :-
तेलंगाना के सीएम ए. रेवंत रेड्डी और उनके केरल के समकक्ष पिनाराई विजयन के बीच तीखी और व्यक्तिगत जुबानी जंग और तेज गई है। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला उस दौरान जुबानी जंग में बदल गया जब रेवंत रेड्डी ने पो मोने विजया यानि विजयन चले जाओ का नारा दिया। रेवंत रेड्डी ने विजयन पर केरल की जनता का अपमान करने का भी आरोप लगाया।
खबर विस्तार : -
Kerala Assembly Elections : तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और उनके केरल समकक्ष पिनाराई विजयन के बीच तीखी और व्यक्तिगत जुबानी जंग मंगलवार को और तेज हो गई। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला उस समय जुबानी जंग में बदल गया, जब रेवंत रेड्डी ने 'पो मोने विजया' (विजयन, चले जाओ) का नारा दिया।
विजयन पर लगाया केरल की जनता का अपमान करने का आरोप
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने मंगलवार को विजयन के पलटवार को आशीर्वाद बताया और जोर देकर कहा कि वे इससे विचलित नहीं हैं। उन्होंने विजयन पर केरल की जनता का अपमान करने का आरोप भी लगाया और घोषणा की कि उनका समय समाप्त हो गया है। उन्होंने अंत में संक्षिप्त रूप से 'बाय-बाय पिनाराई' कहकर अपनी बात समाप्त की। रेड्डी ने दावा किया कि केरल के मुख्यमंत्री प्रमुख राजनीतिक सवालों का जवाब देने में विफल रहे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गठबंधन के आरोप भी शामिल हैं।
पीएम मोदी को विजयन का 'भाई' कहकर किया कटाक्ष
विजयन की उम्र और पद का सम्मान करते हुए भी तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को विजयन का 'भाई' कहकर उन पर कटाक्ष किया, जो राजनीतिक संकेत से भरा हुआ था। मंगलवार को विजयन के 'दैश मोने' वाले जवाब के बाद यह विवाद और गहरा गया, जिसने पहले ही राजनीतिक चर्चा के लहजे पर बहस छेड़ दी थी। स्थिति को अपने पक्ष में करने की कोशिश में केरल के मुख्यमंत्री ने 'प्रिय रेवंत रेड्डी' को संबोधित एक औपचारिक पत्र लिखकर जवाब दिया, जिसमें उन्होंने केरल की विकास संबंधी उपलब्धियों का संक्षिप्त और सटीक खंडन प्रस्तुत किया।
उजागर हो गई राजनीतिक बयानबाजी में आई कड़वाहट
रेड्डी के पहले और आखिरी बयान के साथ यह घटनाक्रम वरिष्ठ नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी में आई कड़वाहट को उजागर करता है। केरल में चुनाव प्रचार के लिए रेड्डी के आगमन ने काफी हलचल मचा दी थी, खासकर उनके व्यंग्य के वायरल होने के बाद। अब जब विजयन ने स्पष्ट कर दिया है कि जल्द ही जवाब भेजा जाएगा, तो सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह कब होगा, क्योंकि गुरुवार को राज्य में 140 नए विधायकों के चुनाव होने हैं।
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