एनडीए में शामिल होने की अटकलों के बीच पीएम मोदी से मिलीं सुप्रिया सुले, महाराष्ट्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा

खबर सार :-

एनसीपी (शरद पवार) सांसदों ने सुप्रिया सुले के नेतृत्व में पीएम मोदी से मुलाकात की। बैठक में महाराष्ट्र के इंफ्रास्ट्रक्चर, किसान, स्वास्थ्य, रोजगार और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दे उठाए गए। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से बीड के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के विकास का मुद्दा भी उठाया।
पीएम मोदी से मिलीं सुप्रिया सुले, विकास के मुद्दों पर चर्चा

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: एनसीपी (शरद पवार) के एनडीए में शामिल होने की अटकलों के बीच पार्टी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बारामती से सांसद सुप्रिया सुले के नेतृत्व में हुए इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कई सांसद शामिल रहे। करीब 20 मिनट चली बैठक में महाराष्ट्र से जुड़े नीतिगत, विकासात्मक, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े कई मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे गए।

बैठक के बाद सांसद डॉ. अमोल कोल्हे ने बताया कि बातचीत का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र के विकास से जुड़े विषय रहे। उन्होंने कहा कि बैठक में राजनीतिक गठजोड़ या एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ नेता शरद पवार के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। सांसदों के अनुसार प्रधानमंत्री ने शरद पवार के लंबे राजनीतिक सफर और उनके काम करने के तरीके की सराहना भी की। उन्होंने पवार की ऊर्जा और सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रियता को प्रेरणादायक बताया।

फुले, सावित्रीबाई फुले और अण्णा भाऊ साठे को भारत रत्न देने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों को भारत रत्न देने की मांग भी प्रधानमंत्री के सामने रखी। सांसदों ने महात्मा ज्योतिराव फुले, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले, लोकशाहीर अण्णा भाऊ साठे और राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किए जाने का अनुरोध किया। सांसदों का कहना था कि इन व्यक्तित्वों ने महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सामाजिक सुधार, शिक्षा, समानता और जनजागरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सूखे और पानी के संकट का मुद्दा उठा

बीड जिले में सूखे की स्थिति को लेकर सांसद बजरंग सोनवणे ने भी प्रधानमंत्री के सामने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने उजानी बांध से मांजरा बांध में पानी छोड़े जाने की मांग की, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल संकट को कम किया जा सके। इसके साथ ही गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम केयर्स फंड के तहत सांसदों के निर्वाचन क्षेत्र के लिए उपलब्ध कोटा बढ़ाने का अनुरोध भी किया गया।

बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी की मांग

डॉ. अमोल कोल्हे ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र में कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को गति देने की मांग की। इनमें नासिक-पुणे हाई-स्पीड रेलवे लाइन, पुणे-नासिक मेट्रो, छत्रपति संभाजीनगर में पीएम गति शक्ति से जुड़े प्रोजेक्ट, जेएनपीटी पोर्ट का विस्तार और कल्याण-मुर्बाद रेलवे लाइन जैसे प्रोजेक्ट शामिल रहे। कोल्हे ने महाराष्ट्र के चाकन इंडस्ट्रियल जोन में भारी ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि सड़क मरम्मत के लिए 59 करोड़ रुपये का टेंडर मंजूर होने के बावजूद क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उनके अनुसार खराब सड़कों और यातायात की समस्या के कारण इलाके में 19 जानलेवा दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य स्तर पर संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय के साथ समस्या का समाधान करने की आवश्यकता जताई।

कैंसर उपचार, चंद्रभागा नदी और प्याज किसानों का मुद्दा

सांसद नीलेश लंके ने कैंसर के इलाज के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की जरूरत पर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा चंद्रभागा नदी में प्रदूषण नियंत्रण और किसानों से जुड़े प्याज की कीमतों के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सांसदों ने ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की आवश्यकता भी बताई।

राजनीतिक चश्मे से न देखने की अपील

बैठक के बाद सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि मुलाकात में कोई राजनीतिक विषय नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि संसद सत्र के दौरान रुकावटों के कारण कई जरूरी जनहित के मुद्दों को सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखना आवश्यक था। सुले के मुताबिक सांसदों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं और जनता की जरूरतों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुलाकात की। डॉ. अमोल कोल्हे ने भी कहा कि महाराष्ट्र की प्रगति के लिए राजनीतिक मतभेदों को अलग रखते हुए बातचीत करना जरूरी है। उन्होंने बैठक को एनसीपी (शरद पवार) के एनडीए में संभावित शामिल होने से जोड़ने वाली अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि बैठक पूरी तरह गैर-राजनीतिक थी और एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई।

परिसीमन विधेयक को लेकर भी अटकलों पर सफाई

बैठक को संभावित परिसीमन विधेयक के समर्थन से जोड़कर लगाए जा रहे कयासों पर भी डॉ. कोल्हे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संसद में अभी तक ऐसा कोई विधेयक पेश नहीं किया गया है, इसलिए इस संबंध में किसी तरह का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। एनसीपी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार ने भी कहा कि पार्टी के आठ सांसद लोकसभा में परिसीमन विधेयक के खिलाफ मतदान करेंगे। उनके इस बयान के बाद पार्टी की राजनीतिक स्थिति को लेकर चल रही चर्चाओं को और बल मिला है।

मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी सेंटर की मांग

बजरंग सोनवणे ने प्रधानमंत्री को कृषि, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी मांगों की विस्तृत सूची सौंपने की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2025-26 के लंबित दावों को जल्द जारी करने तथा 2026-27 सीजन से ऐड-ऑन बीमा कवर को फिर से लागू करने की मांग की। इसके अलावा गन्ना श्रमिकों के बच्चों के लिए मौसमी और मोबाइल स्कूल शुरू करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और कृषि आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई तथा कौशल विकास योजनाओं को बढ़ावा देने की मांग रखी गई। सोनवणे ने धाराशिव-बीड-छत्रपति संभाजीनगर रेलवे मार्ग के निर्माण में तेजी लाने और क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए विशेष केंद्रीय फंड उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। उन्होंने बीड में मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी हेल्थ सेंटर तथा अंबाजोगाई में 50-बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक को मंजूरी देने की मांग भी रखी। सांसद ने किसान उत्पादक संगठनों, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग और कृषि प्रसंस्करण केंद्रों के विस्तार की मांग की। 

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