धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, आंदोलन तेज करने की चेतावनी, दो मांगों पर सहमति

खबर सार :-

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ CJP नेताओं की बैठक में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने और पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई गई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, आंदोलन तेज करने की चेतावनी, दो मांगों पर सहमति

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक हुई। बैठक में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका शामिल हुए। करीब 10 मिनट चली इस बातचीत में संगठन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं और स्पष्ट कर दिया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए CJP नेताओं ने कहा कि सरकार ने उनकी कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। संगठन ने सरकार को शनिवार दोपहर तक का समय दिया है और चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन ने केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहला NEET पेपर लीक से प्रभावित और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। दूसरा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। और तीसरा आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और अन्य कानूनी मामलों को वापस लिया जाए। रांका ने कहा कि इन मांगों पर सरकार के साथ विस्तार से चर्चा हुई और दो मुद्दों पर सकारात्मक संकेत मिले हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा संगठन

आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन अपने रुख से पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या कैबिनेट से बर्खास्तगी के बिना हमें कुछ भी मंजूर नहीं होगा। सरकार ने इस मांग पर शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। हमने साफ कर दिया है कि पूरे देश में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने यह भी कहा कि CJP जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आंदोलन का आह्वान कर सकती है।

दो मांगों पर सहमति

सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया है। साथ ही आंदोलन कर रहे छात्रों पर दर्ज एफआईआर और अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने पर भी सहमति जताई है।

सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन

इससे पहले गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक से मुलाकात की। सरकार की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया। अनशन समाप्त कराने के दौरान केंद्रीय मंत्री, लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ सदस्य, चिकित्सक और सोनम वांगचुक के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

28 जून से शुरू हुआ था आंदोलन

सोनम वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में चल रहे NEET पेपर लीक विरोधी आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनका इलाज जारी रहा।


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