Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल पर मायावती ने सपा-भाजपा को लताड़, 'कांग्रेस को बताया गिरगिट'
खबर सार :-
Mayawati Womens Reservation Bill: बसपा प्रमुख मायावती ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और SP पर तीखा हमला बोला और उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश में कोई भी राजनीतिक दल SC, ST, OBC और मुस्लिम समुदायों के असली हितों और कल्याण की रक्षा करने, या उनके भविष्य को सुरक्षित करने के मामले में कभी भी सचमुच गंभीर नहीं रहा है।
खबर विस्तार : -
Mayawati Womens Reservation Bill: महिला आरक्षण अधिनियम (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) गुरुवार, 16 अप्रैल, 2026 को लागू हो गया। इसको लेकर अधिसूचना भी जारी हो है। महिला आरक्षण अधिनियम के लागू होने के बाद, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी संदर्भ में, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा-कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखी आलोचना की है।
Womens Reservation Bill: मायावती ने एक्स पर किया लंबा चौड़ा पोस्ट
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर एक लंबी-चौंड़ी पोस्ट साझा की। पूर्व मुख्यमंत्री ने SP, BSP और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। मायावती ने कांग्रेस पार्टी को गिरगिट तक कह डाला। साथ ही दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। मायावती ने जनता से सभी राजनीतिक पार्टियों के बहकावे में आने से बचने की सलाह भी दी।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) पर तीखा हमला बोला। मायावती ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए इन पार्टियों ने SC, ST, OBC और मुस्लिम समुदायों के अधिकारों की रक्षा करने में कोई गंभीरता नहीं दिखाई; फिर भी, अब वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए इन वर्गों की वकालत कर रही हैं।
Womens Reservation Bill: सपा-कांग्रेस पर बोला तीखा हमला
BSP सुप्रीमो ने कहा कि इन समुदायों को "दोहरे चरित्र" वाली ऐसी पार्टियों से सावधान रहना चाहिए और इसके बजाय अपने अधिकारों को सुरक्षित करने तथा आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। शुक्रवार को,बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस पार्टी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि SC, ST और OBC के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के संबंध में कांग्रेस का रुख हमेशा से ही डांवाडोल रहा है। मायावती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जो अब महिला आरक्षण के दायरे में इन समुदायों को शामिल करने की वकालत कर रही है ने केंद्र में सत्ता में रहते हुए कभी भी उनके आरक्षण कोटे को पूरा करने के लिए कोई गंभीर पहल नहीं की। उन्होंने कांग्रेस को एक "अवसरवादी" पार्टी करार दिया।
उन्होंने आगे बताया कि कांग्रेस मंडल आयोग की रिपोर्ट द्वारा अनुशंसित OBC समुदाय के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने में विफल रही। उन्होंने कहा यह एक ऐसा तथ्य है जिसे सभी जानते हैं कि यह नीति अंततः पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह की सरकार के कार्यकाल के दौरान BSP के अथक प्रयासों से लागू हुई थी।
इसी तरह, उन्होंने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश में, सपा सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था जो जुलाई 1994 में ही जमा कर दी गई थी और जिसमें पिछड़े मुसलमानों को OBC लाभ देने की सिफारिश की गई थी। परिणामस्वरूप, SP सरकार इसे लागू करने में विफल रही। राज्य में पहली BSP सरकार जो 3 जून, 1995 को बनी थी ने ही इस सिफारिश को तुरंत लागू किया था। फिर भी अब, उन्होंने कहा, वही SP अपना रंग बदल चुकी है और अपने राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित होकर, विशेष रूप से इन समुदायों की महिलाओं के लिए एक अलग आरक्षण कोटे की वकालत कर रही है।
जनगणना पर मायावती ने क्या कहा
उन्होंने कहा कि जहां तक महिलाओं के आरक्षण के लिए परिसीमन का सवाल है जो पिछली (2011) जनगणना पर आधारित है तो उनका रुख बस इतना ही है: अगर किसी भी वजह से इस उपाय को जल्द से जल्द लागू किया जाना है, तो इसे इसी जनगणना (Census) के आधार पर किया जाना चाहिए। इसके अलावा, अगर कांग्रेस पार्टी अभी केंद्र में सत्ता में होती, तो वह भी ठीक वैसा ही कदम उठाती, जैसा कि BJP ने उठाया है।
मायावती ने ज़ोर देकर कहा कि कुल मिलाकर, असली बात यह है कि देश में कोई भी राजनीतिक पार्टी SC, ST, OBC और मुस्लिम समुदायों के असली हितों, कल्याण या भविष्य की बेहतरी से जुड़े किसी भी मामले को लेकर कभी भी सचमुच गंभीर नहीं रही है। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के आरक्षण के संदर्भ में, समाज के इन वर्गों को फिलहाल जो भी लाभ अभी दिए जा रहे हैं, उन्हें स्वीकार कर लेना चाहिए।
उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि भविष्य में जब और बेहतर समय आएगा तो उनके हितों की पूरी तरह और ठीक से रक्षा की जाएगी। दूसरे शब्दों में, उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे किसी की भी गुमराह करने वाली बातों के झांसे में न आएं, क्योंकि उनका असली मकसद अपने पैरों पर खड़ा होना और अपने-अपने समुदायों को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की कोशिश करना होना चाहिए। उन्होंने आखिर में कहा कि यही उनकी सलाह है।
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