BJP दफ्तर के चपरासी बने पार्षद, बोले- सेवा और चाय दोनों जारी
खबर सार :-
BJP Office Servant Wins Election: गुजरात के मेहसाणा में वर्षों से बीजेपी कार्यालय में एक चपरासी के पद पर काम करने वाले रमेश भील अब पार्षद बन गए हैं. उनका करना है कि पार्षद बनने के बाद भी वो अपनी दफ्तर की जिम्मेदारी निभाते रहेंगें।
खबर विस्तार : -
BJP Office Servant Wins Election: गुजरात के मेहसाणा में BJP कार्यालय में वर्षों तक चाय- पानी की सेवा करने वाले रमेश भील ने अब चुनाव में बड़ी जीत दर्ज कर पार्षद की कुर्सी हासिल कर ली है। खास बात यह है कि जीत के बाद भी उनकी सादगी बरकरार है। उनका कहना है कि वे जनता की सेवा के साथ-साथ पार्टी दफ्तर में अपनी पुरानी जिम्मेदारी भी निभाते रहेंगे।
चपरासी से पार्षद तक का सफर
गुजरात के मेहसाणा में एक बेहद ही खास खबर सामने आई है। आमतौर पर राजनीति में बड़े नेताओं और प्रभावशाली लोगों को मौका मिलता है, लेकिन बीजेपी ने इस बार अपने कार्यालय में वर्षों से चाय- पानी की सेवा करने वाले एक साधारण कार्यकर्ता पर भरोसा जताया। पार्टी ने उन्हें चुनावी टिकट दिया और उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल कर पार्षद अपने नाम कर लिया। मेहनत, ईमानदार और पार्टी के प्रति समर्पण किसी भी व्यक्ति को बड़ी पहचान दिला सकता है. इसका उदहारण गुजरात के मेहसाणा में देखने को मिला।
रमेश भील ने लोगों का भरोसा जीता
मेहसाणा बीजेपी कार्यालय में कई वर्षों तक सेवक के तौर पर काम करने वाले इस कार्यकर्ता पर पार्टी ने भरोसा जताते हुए उन्हें वार्ड नंबर- 3 से चुनावी मैदान में उतारा। जो शख्स कल तक पार्टी कार्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं को चाय- पानी परोसता था, आज उसी व्यक्ति को जनता ने अपने वार्ड के विकास की जिम्मेदारी सौंप दी है। लोगों ने उनपर पूरा विश्वास दिखाया और पूरे पैनल को भारी बहुमत के साथ जीत दिलाई. यह जीत अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
पार्षद के साथ कार्यालय का पद जारी
जीत के बाद रमेश भील ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, " मैं पहले बीजेपी कार्यालय में एक सेवक के पद पर सेवा करता था। अभी मुझे वार्ड नंबर 3 से टिकट मिला और बहुमत से जीत गया हूं, पूरा पैनल अपना है। अब नरेंद्र मोदी के हाथ मजबूत करेंगे। उनका कहना है कि मैं पहले काम करता था, चाय- पानी पिलाता था, मैं छोटा आदमी था। अब मैं महानगर पालिका में पार्षद बना हूं, तो बस्ती की सेवा भी करूंगा और कार्यालय में काम भी करूंगा।"
सेवा भाव में कोई कमी नहीं
चुनाव जीतने के बाद भी इस नवनिर्वाचित पार्षद की सादगी लोगों का ध्यान खींच रही है। उनका कहना है कि जिम्मेदार बढ़ने के बावजूद वे खुद को आज भी एक साधारण कार्यकर्ता ही मानते हैं। रमेश भील का कहना है कि अब वह अपने वार्ड के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी साफ़ किया कि पार्षद बनने के बाद भी उनका सेवा-भाव नहीं बदलेगा। वे पहले की तरह पार्टी कार्यालय से भी जुड़े रहेंगे और साथ ही अपना पुराना काम भी जारी रखेंगे। एक साधारण सेवक से नगर निगम पार्षद बनने तक का उनका यह सफर कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।
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