बंगाल SIR सुनवाई में चले लाठी-डंडे, TMC विधायक चपेटे में FIR दर्ज
खबर सार :-
बंगाल SIR सुनवाई में के दौरान तोड़फोड़ की गई, जिसके बाद चुनाव आयोग ने सख्ती से मुर्शिदाबाद के फरक्का से टीएमसी विधायक मणिरूल इस्लाम के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आयोग ने कार्रवाई में हुई देरी पर नाराजगी जाहिर की थी और विधायक का कहना था कि यह राजनितिक साजिश है, जबकि भाजपा गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
खबर विस्तार : -
बंगाल SIR सुनवाई : बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में राजनितिक गहमा-गहमी के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रूख अपनाते हुए टीएमसी के विधायक मणिरूल इस्लाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विधायक पर आरोप है कि कुछ दिन पहले मतदान सूची के ड्राफ्ट पर चल रही आपत्ति की सुनवाई के समय एक केंद्र पर कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर तोड़फोड़ और हंगामा किया गया था। चुनाव आयोग ने बिना देरी किए महज 48 घंटे के अंदर कार्रवाई की गई थी।
कड़ी कार्रवाई के निर्देश
चुनाव आयोग द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी को गुरूवार शाम पांच बजे के समय विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन जब शनिवार सुबह तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इस बात पर आयोग ने नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और रिपोर्ट दर्ज कर मामले की तफ्तीश में जुट गया।
विधायक की प्रतिक्रिया
वहीं विधायक ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, यह एक राजनितिक साजिश है, अगर जनता की आवाज उठाने के लिए उन्हे जेल जाना पड़े, तो वे इसके लिए तैयार हैं। इसके साथ ही मणिरुल इस्लाम का यह भी कहना था कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। इस पर भाजपा ने अपनी जवाबदेही में कहा कि विधायक की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए और मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। इससे पहले 14 जनवरी को हुई हिंसा में दर्ज रिपोर्ट में मुख्य आरोपी का नाम न दर्ज होने पर भी सवाल उठे थे।
पहले भी घटी ऐसी घटना
इस तरह की घटना पहली बार नही हुई है। इसके पहले भी दिनजापुर जिले के इटाहार में हुई तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। उस समय भी आयोग ने रिपोर्ट की मांग की थी, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नही हुई है। सूत्रों को मुताबिक आयोग द्वारा स्पष्ट कहा गया है कि सुनवाई केंद्रों पर हिंसा की बारीकी से जांच किया जायेगा। हालांकि विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में बाधा के बावजूद आयोग सख्ती दिखाने में लापरवाही कर रही है।
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