'राम जी से घात का पैसा'... सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने AI वीडियो के जरिए  BJP पर बोला हमला

खबर सार :-

अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी करो लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए एक AI वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में बीजेपी पर "चंदा चोरी" का आरोप लगाते हुए तंज कसा गया है।
अखिलेश यादव ने AI वीडियो के जरिए  भाजपा पर बोला हमला

खबर विस्तार : -

लखनऊः अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर विपक्ष और सत्ताधारी पार्टी के बीच राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। इसी कड़ी में रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और दान के पैसे के मुद्दे पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने AI वीडियो के जरिए  BJP पर बोला हमला

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर AI से बना एक वीडियो गाना शेयर करते हुए अखिलेश ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए और जनता से अपील की कि वे मंदिर के नाम पर कथित तौर पर इकट्ठा किए गए पैसे को स्वीकार न करें। वीडियो गाने में राम मंदिर, मंदिर के दान पात्र और BJP से जुड़े कई तीखे सवाल उठाए गए हैं। वीडियो के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा: "हमें भगवान राम के साथ धोखे से आया पैसा, मंदिर के दान पात्र का पैसा या भाजपा के पापों से दूषित पैसा नहीं चाहिए।"

अखिलेश ने चढ़ावे से जुड़े पैसे को लेकर उठाए सवाल 

वीडियो गाने के जरिए उन्होंने मंदिर से जुड़ी आस्था और चढ़ावे से मिले पैसे को लेकर भाजपा से सवाल किए हैं। अपने वीडियो संदेश में अखिलेश ने लोगों से आग्रह किया कि अगर BJP का कोई व्यक्ति उन्हें लुभाने के लिए पैसे दे, तो वे पूछें कि मंदिर का पैसा क्यों चोरी हुआ और मंदिर की प्रतिष्ठा को क्यों धूमिल किया गया। अखिलेश यादव द्वारा शेयर किए गए वीडियो गाने का पूरा कंटेंट इस प्रकार है: "हमें भगवान राम के साथ धोखे से मिला पैसा, मंदिर के दान-पात्र का पैसा या बीजेपी के पापों से दूषित पैसा नहीं चाहिए। हमें ऐसा पैसा नहीं चाहिए। ऐसा पैसा खुशहाली नहीं लाएगा; यह ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। जब भाजपा से कोई आए पैसे का लालच दिखलाए तो बैठाकर पूछो- क्यों चुराया मंदिर का मान?

राम जी से घात का पैसा
धर्म-दान पात्र का पैसा
भाजपा के पाप का पैसा

नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए
ऐसा पैसा ~ नहीं चाहिए
नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए

ऐसा पैसा नहीं फलेगा
ज़्यादा दिन नहीं चलेगा
जो लेगा ~ उसको पाप लगेगा

नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए
ऐसा पैसा ~ नहीं चाहिए
नहीं चाहिए ~ नहीं चाहिए… pic.twitter.com/v3XcPGrpWy

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 16, 2026

चढ़ावा चोरी प्रकरण पर मचा सियासी घमासान 

गौरतलब है कि राम मंदिर में दिए गए चढ़ावे और दान को लेकर समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच पहले भी जुबानी जंग हो चुकी है। अखिलेश यादव लगातार बीजेपी पर धार्मिक आस्था का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि बीजेपी और मंदिर से जुड़े संगठनों ने इन आरोपों को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है।

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अखिलेश बोले- भाजपा और आजादी एक-दूसरे के विरोधी

इससे पहले शनिवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया ने यह भी कहा था कि BJP और आजादी एक-दूसरे के विरोधी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भजापा और उसके सहयोगी आजादी दिवस के बजाय 'विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस' मना रहे हैं; उनके लिए विभाजन ही जश्न मनाने की वजह है। आजादी की लड़ाई में उनका योगदान रहा हो या न रहा हो, लेकिन विभाजन में उनका योगदान जरूर था। आजादी से पहले भी विभाजन उनका लक्ष्य था और आजादी के बाद भी उनका यही लक्ष्य है। सपा प्रमुख ने अपने नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने बयानों को लेकर सावधान रहने के निर्देश भी दिए, क्योंकि चुनाव नजदीक आ रहे हैं।

इस मुद्दे पर विरोध करते हुए पप्पू यादव ने हाल ही कहा था, "हिंदू धर्म और सनातन पर सिर्फ़ RSS का ही अधिकार नहीं है। हिंदू धर्म मेरा है; सनातन मेरा है। इन लोगों ने देश भर के मंदिरों पर कब्ज़ा कर लिया है। हम सनातन को मानने वाली देश की एक अरब आबादी की आवाज़ उठा रहे हैं।" बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और दिल्ली की रेखा गुप्ता ने भी इस मामले को लेकर पप्पू यादव पर निशाना साधा था।

चढ़ावा चोरी पर योगी ने विपक्ष को दिया करारा जवाब

इससे पहले शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों पर विपक्ष को जवाब दिया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में चढ़ावे को लेकर जो बात हो रही है, असल में मामला क्या था? राम जन्मभूमि स्थल पर चढ़ावे की चोरी की एक घटना सामने आई थी; राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सिफारिश की, एक SIT बनाई गई, और SIT की जांच के आधार पर कार्रवाई की गई। अभी भी कार्रवाई चल रही है। यह मामला दान की चोरी के आरोपों से जुड़ा था। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की गई है; सच पहले दिन से ही साफ है, और सरकार तथा तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दोनों ही इस मामले में उचित कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, इस बारे में किसी के मन में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

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