केजीएमयू में प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर भव्य समारोह: 519 टीबी मरीजों को गोद लेकर बांटी पोषण पोटली, छात्राओं को मिली एचपीवी वैक्सीन

खबर सार :-

केजीएमयू लखनऊ में प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर 519 टीबी मरीजों को गोद लिया गया, एमबीबीएस छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन दी गई और विशाल तिरंगा फहराया गया। विस्तृत समाचार पढ़ें।
केजीएमयू में प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर 519 टीबी मरीज गोद लिए गए

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की चिकित्सा राजधानी कहे जाने वाले किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में एक अत्यंत भव्य, प्रेरणादायी और सेवा-समर्पित समारोह का आयोजन किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक ओर जहां जनसेवा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनूठी मिसाल पेश की, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय गौरव की अद्भुत भावना से पूरे परिसर को ओतप्रोत कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री बृजेश पाठक ने उपस्थिति दर्ज कराई।

जनसेवा की मिसाल: 519 टीबी मरीजों को मिला पोषण का सहारा

कार्यक्रम का सबसे मुख्य और मानवीय पहलू टीबी (तपेदिक) उन्मूलन की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'क्षय रोग मुक्त भारत' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, केजीएमयू और उसके सहयोगियों द्वारा इस विशेष अवसर पर कुल 519 टीबी रोगियों को गोद लिया गया। इन सभी मरीजों को समारोह के दौरान आवश्यक पोषण सामग्री से भरपूर 'पोषण पोटली' का वितरण किया गया।

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि टीबी के इलाज में दवाओं के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाला पोषण अत्यंत आवश्यक होता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मरीजों को उपचार के दौरान किसी भी प्रकार की पोषण संबंधी कमी न होने देना और उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दिलाना है। इस दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज के हर वर्ग को आगे आकर टीबी पीड़ितों की मदद करनी चाहिए, ताकि देश को जल्द से जल्द इस बीमारी से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।

महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा: एमबीबीएस छात्राओं को मुफ्त एचपीवी वैक्सीन

जनसेवा के इस महाअभियान के तहत केजीएमयू प्रशासन ने युवा पीढ़ी, विशेषकर भावी महिला चिकित्सकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक और सराहनीय कदम उठाया। अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इसी समारोह के दौरान एमबीबीएस फाइनल ईयर की 110 छात्राओं को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन की तीसरी और अंतिम खुराक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की गई।

यह टीका महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) से बचाव के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन की यह पहल न केवल छात्राओं के व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि जो चिकित्सक कल समाज का इलाज करेंगे, उनका अपना स्वास्थ्य और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

विशाल राष्ट्रध्वज आरोहण से गूंजा राष्ट्रप्रेम का संदेश

सेवा कार्यों और स्वास्थ्य पहलों के साथ-साथ इस आयोजन का एक अन्य मुख्य आकर्षण केजीएमयू परिसर में आयोजित किया गया विशाल राष्ट्रध्वज आरोहण समारोह रहा। जैसे ही आसमान में विशाल तिरंगे ने अपनी पूरी शान के साथ आरोहण किया, पूरा परिसर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के नारों से गूंज उठा।

इस गरिमामयी राष्ट्रध्वज कार्यक्रम में भी उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और केजीएमयू की कुलपति पद्मश्री प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने अपनी उपस्थिति से चार चांद लगाए। इस दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, "तिरंगा केवल हमारी पहचान नहीं, यह भारत की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है।"

कार्यक्रम में नर्सिंग कैडर द्वारा पूरे जोश और सम्मान के साथ राष्ट्रगान गाया गया। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रूप से एकल पुष्प भेंट कर किया गया। इस राष्ट्रभक्ति के पर्व में मैट्रन, डिप्टी नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, कर्मचारी परिषद के पदाधिकारी, केजीएमयू नर्सेज एसोसिएशन के सदस्य, नर्सिंग ऑफिसर्स और बड़ी संख्या में अन्य कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर और अत्यंत उत्साह के साथ सहभागिता की। विशाल तिरंगे की छांव में सभी ने देश की एकता, अखंडता और जनसेवा के अपने संकल्प को और अधिक मजबूत किया।

गणमान्य अतिथियों और वक्ताओं के विचार

समारोह को संबोधित करते हुए केजीएमयू की कुलपति पद्मश्री प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय सदैव अपनी जनसेवा और उत्कृष्ट चिकित्सा परंपरा के लिए जाना जाता है। टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण सहयोग प्रदान करने की यह पहल न केवल मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में मददगार साबित होगी, बल्कि यह समाज के प्रति किसी भी बड़े चिकित्सा संस्थान की नैतिक जिम्मेदारी को भी बखूबी प्रदर्शित करती है।

मुख्य अतिथि एवं उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ चल रही इस राष्ट्रव्यापी लड़ाई को हम सभी को मिलकर और अधिक मजबूती से जारी रखना होगा। टीबी मरीजों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने जैसी पहलें इस बीमारी को जड़ से खत्म करने में मील का पत्थर साबित होंगी।

मंच पर उपस्थिति और समापन

कार्यक्रम के दौरान मंच पर केजीएमयू के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. के.के. सिंह, प्रख्यात चिकित्सक डॉ. सूर्यकांत सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. बी.के. ओझा, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुरेश कुमार, डीएमएस डॉ. सुमित रोंगटा, डॉ. अजय पाल, और डॉ. श्वेता पांडे उपस्थित रहे। यह पूरा आयोजन इस बात का प्रमाण बन गया कि जब राष्ट्रभक्ति, स्वास्थ्य सुरक्षा और समाज सेवा एक साथ मिलती हैं, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव की एक नई लहर पैदा करती है। केजीएमयू का यह समारोह आने वाले समय में अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनेगा।

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