केरल में टीबी मुक्त अभियान को मिल रहा जन-जन का समर्थन

खबर सार :-

केरल के टीबी उन्मूलन अभियान को उम्मीद से ज्यादा समर्थन मिला है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर विशाल महिला सामुदायिक नेटवर्क कुडुम्बश्री ने टीबी-मुक्त केरल के अभियान को मजबूत करने के लिए हाथ बढाया है। राज्य सरकार यहां 100 दिवसीय गहन अभियान चला रही है। इसमें अब टीबी सेल अपनी पूरी क्षमता के साथ जुटने जा रहा है।
केरल में टीबी मुक्त अभियान को मिल रहा जन-जन का समर्थन

खबर विस्तार : -

तिरुवनंतपुरम; केरल के टीबी उन्मूलन अभियान को उम्मीद से ज्यादा समर्थन मिला है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर विशाल महिला सामुदायिक नेटवर्क कुडुम्बश्री ने टीबी-मुक्त केरल के अभियान को मजबूत करने के लिए हाथ बढाया है। राज्य सरकार यहां 100 दिवसीय गहन अभियान चला रही है। इसमें अब टीबी सेल अपनी पूरी क्षमता के साथ जुटने जा रहा है। इस अभियान को काफी महत्वाकांक्षी बताया गया।  महिला सामुदायिक नेटवर्क कुडुम्बश्री के अधिकारियों के जागरूकता संदेशों को समुदायों तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी मदद करेगी।

इसके लिए अधिकारियों से आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस होकर काम करने के लिए कहा गया है। समुदायों में शुरुआती पहचान करानी होगी। यदि बीमारी का समय पर उपचार हो जाए तो वह ही सबसे शक्तिशाली हथियार है। सरकार को उम्मीद है कि वह शुरुआती चरण में ही लक्षणों वाले लोगों की पहचान कर सकेगी, इसमें गांव से शहर तक कुडुम्बश्री की व्यापक उपस्थिति का लाभ मिल सकता है। वह लोगों को जांच कराने के लिए प्रोत्साहित करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि निदान किए गए लोग बिना किसी रुकावट के अपना उपचार पूरा कराएंगे। अधिकारियों को तपेदिक के लक्षणों, इसके प्रसार के तरीकों, उपलब्ध निदान सुविधाओं की जानकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दी जा रही है।

अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करने का सभी ने संकल्प लिया

राज्य सरकार उपचार प्रोटोकॉल के साथ स्वास्थ्य लाभ में पोषण के महत्व पर भी काम कर रहा है। बताया जा रहा है कि तपेदिक से जुड़े कलंक को दूर करने के लिए क्या करें, पोषक तत्वों की भरपाई कहां से हो। प्रतिभागियों को टीबी मुक्त भारत मोबाइल एप्लिकेशन से भी परिचित कराया जा रहा है। राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम का समर्थन करने की अपील की गई है। सरकार की ओर से कहा गया है कि ऐसे अवसरों पर सामुदायिक भागीदारी को मजबूत बनाकर सफलता हासिल हो सकती है। कुडुम्बश्री के अधिकारियों ने जागरूकता लाने के लिए मदद का भरोसा दिया है। बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करने या चिकित्सा सहायता लेने में देरी न करने के लिए प्रोत्साहन भी एक तरीका होगा। इसमें उसकी भूमिका होगी। आने वाले दिनों में राज्य के टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करने का सभी ने संकल्प लिया। गरीबी उन्मूलन के अलावा, आजीविका सृजन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, सामाजिक विकास कार्यक्रम में बडी भूमिका रहती है।

कुडुम्बश्री की गिनती दुनिया के सबसे बड़े महिला स्वयं सहायता नेटवर्क में

यह टीबी-मुक्त केरल राज्यव्यापी सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों के लिए भागीदार बन जाता है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि केरल को तपेदिक उन्मूलन के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामुदायिक भागीदारी निभानी होगी। यह ऐसा आयोजन है, जिसमें हजारों स्थानीय लोगों की जमीनी स्तर पर उपस्थिति बन रही है। कुडुम्बश्री इस अभियान के सबसे मजबूत सामुदायिक साझेदारों में से एक बनने की उम्मीद है। केरल सरकार द्वारा 1998 में इसे शुरू किया गया था। कुडुम्बश्री की गिनती दुनिया के सबसे बड़े महिला स्वयं सहायता नेटवर्क में की जाती है। इसमें स्थानीय समूहों के माध्यम से संगठित 45 लाख से अधिक सदस्य भी हैं। 

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