दिल्ली-एनसीआर में शर्तों के साथ सुप्रीम कोर्ट ने दी 'ग्रीन पटाखों' को मंजूरी, पटाखे जलाने की समय सीमा भी की तय
खबर सार :-
सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली से पहले दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों को बेंचने और जलाने की अनुमति दे दी है। हालांकि, इसके लिए कोर्ट ने कई कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। सीजेआई बीआर गवई व न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन की बेंच ने यह अहम आदेश दिया है। परंपरागत पटाखों के मुकाबले ग्रीन पटाखे पर्यावरण को कम हानि पहुंचाते हैं। बीते छह सालों में ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल से पर्यावरण प्रदूषण में काफी कमी आई है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली से पहले दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों को बेचने और जलाने की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके साथ कई सख्त शर्तें भी लगाई हैं। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन की पीठ ने यह अहम आदेश सुनाया। कोर्ट ने कहा कि परंपरागत पटाखों की तुलना में ग्रीन पटाखे पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए सीमित और नियंत्रित उपयोग की अनुमति दी जा सकती है।
सीजेआई बीआर गवई ने कहा कि अदालत ने इस मुद्दे पर सॉलिसिटर जनरल और एमिकस क्यूरी के सुझावों पर विचार किया है। उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि उद्योग जगत की भी चिंताएं हैं। पारंपरिक पटाखों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिससे प्रदूषण और ज्यादा बढ़ता है। इसलिए हमें एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा।
ग्रीन पटाखों से प्रदूषण के स्तर में आई कमी
हरियाणा के 22 जिलों में से 14 जिले एनसीआर क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने कहा कि जब पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया था, तो कोविड काल को छोड़कर वायु गुणवत्ता में बहुत बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला। वहीं, पिछले छह वर्षों में ग्रीन पटाखों के आने से प्रदूषण के स्तर में काफी कमी आई है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2025 तक दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, यह बिक्री केवल क्यूआर कोड वाले ग्रीन पटाखों की ही होगी।
ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तय की समय सीमा
ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल के लिए भी सुप्रीम कोर्ट ने समय सीमा तय की है। ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल केवल सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक ही किया जा सकेगा। कोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारी गश्ती दल बनाएंगे, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि बाजार में केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बिकें। अगर कोई नियम तोड़ेगा, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी और नोटिस जारी किया जाएगा। इसके साथ ही, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ई-कॉमर्स वेबसाइटों जैसे अमेजन या फ्लिपकार्ट आदि पर पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
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