Dhamaal 4 Movie Review: खजाना ढूंढने निकली अजय-रितेश की टोली, हंसी के रास्ते हुई गुम, जानें कैसी है धमाल-4

खबर सार :-

Dhamaal 4 Movie Review: 'धमाल' कॉमेडी फ़्रैंचाइज़ी, जो लगभग दो दशकों से दर्शकों का मनोरंजन कर रही है, अपनी चौथी फ़िल्म के साथ सिनेमाघरों में लौट आई है। इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी 'धमाल 4' हंसी का डबल डोज़ देती है, जिसमें अजय देवगन की ज़बरदस्त कॉमिक टाइमिंग के साथ रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफ़री की मशहूर चौकड़ी का संगम देखने को मिलता है।
Dhamaal 4 Movie Review: खजाना ढूंढने निकली अजय-रितेश की टोली, हंसी के रास्ते हुई गुम, जानें कैसी है धमाल-4

खबर विस्तार : -

Dhamaal 4 Movie Review: करीब दो दशकों से अपनी बेफिक्र कॉमेडी से दर्शकों का मनोरंजन कराने वाली 'धमाल' फ़्रैंचाइजी की चौथी किस्त 'धमाल-4' आखिरकार बड़े पर्दे पर आ गई है। 2007 में 'W' के नीचे छिपे खजाने को खोजने का जो सफर शुरू हुआ था, वह 2026 में 'M' के साथ अपने चौथे पड़ाव पर पहुंच गया है। फर्क सिर्फ इतना है कि उसे ढूंढ़ने से ज्यादा वक्त दर्शक कहानी ढूंढ़ने में लगा देते हैं। 

डायरेक्टर इंद्र कुमार अपनी मशहूर टीम और कुछ नए चेहरों के साथ लौटे हैं। लेकिन कॉमेडी का अंदाज वही पुराना। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार हंसी पहले जैसी नहीं आएगी। अगर आप लॉजिक को किनारे रखकर सिर्फ हंसी-मजाक के लिए थिएटर जाना चाहते हैं, तो 'धमाल 4' आपके लिए ही फिल्म है। ये फिल्म शुक्रवार, 10 जुलाई को रिलीज हुई। इस कॉमेडी फिल्म में अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफ़री के साथ-साथ रवि किशन, उपेंद्र लिमये, अंजलि आनंद, ईशा गुप्ता और संजीदा शेख मुख्य किरदार में हैं।

फिल्म की कहानी

पिछले दो दशकों में, 'धमाल' फ्रैंचाइजी ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग और मजबूत जगह बनाई है, जो पूरी तरह से ऐसी बेफिक्र कॉमेडी पर टिकी है जिसके लिए आपको अपना दिमाग घर पर ही छोड़ना पड़ता है। डायरेक्टर इंद्र कुमार इसी जाने-पहचाने अंदाज में लौटे हैं और चौथी फिल्म के लिए एडवेंचर का दायरा और बड़ा कर दिया है।

इस बार, सारी अफरा-तफरी कुख्यात शैतान सिंह के 100 साल पुराने छिपे हुए खजाने के इर्द-गिर्द घूमती है। खजाने की जगह का राज पृथ्वी (उपेंद्र लिमये) की कमज़ोर होती याददाश्त में छिपा है। जैसे ही राज खुलता है, एक रहस्यमयी द्वीप तक पहुंचने की होड़ मच जाती है, जिस पर एक बड़ा सा "M" बना होता है। हर किरदार खजाने तक सबसे पहले पहुंचने के लिए दूसरों से आगे निकलने की कोशिश करता है, जिससे खूब कन्फ्यूजन, गुमराह करने वाले सुराग और मजेदार, अफरा-तफरी वाले हालात पैदा होते हैं। इस खजाने की तलाश में जो अजीबोगरीब हालात और कॉमेडी पैदा होती है, वही इस फिल्म की पूरी कहानी है।

सिचुएशनल कॉमेडी

सिचुएशनल कॉमेडी ही वह मुख्य आधार है जो 'धमाल 4' को मनोरंजक बनाती है। यह फिल्म अजीबोगरीब,  लालची और मज़ेदार ढंग से बदकिस्मत लोगों के एक बड़े ग्रुप को अजीब हालात में डालती है। जैसे जंगल में खतरे या अचानक समुद्री लुटेरों से सामना। स्क्रिप्ट में लॉजिक ढूढने की जरुरत नहीं है, पर यह आपको हालात के बेतुकेपन का मजा लेने के लिए कहती है। पहला हाफ तेज रफ़्तार वाला है और इसमें पिछली फिल्मों की मजेदार झलकियां हैं, जो फ़्रैंचाइजी के फैन्स का मनोरंजन करती रहती हैं।

कलाकारों की परफॉर्मेंस

फिल्म की असली ताकत इसके शानदार कलाकारों की टीम है। अजय देवगन जबरदस्त अंदाज में लीड रोल में हैं, और उनके साथ संजय मिश्रा हैं, जिनकी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग जोरदार हंसी वाले पल देती है। फ्रैंचाइजी के पुराने कलाकार अरशद वारसी और जावेद जाफ़री अपनी शानदार केमिस्ट्री के साथ वापस आए हैं, और संजीदा शेख ने उनकी इस उथल-पुथल भरी केमिस्ट्री में एक मज़ेदार जान डाल दी है।

रितेश देशमुख ने एक अलग 'देसी' अंदाज में जबरदस्त कॉमेडी की है। उनके साथ अंजलि आनंद हैं, जिन्होंने उनकी पत्नी 'पारो' का किरदार एक प्यारे और घरेलू अंदाज में निभाया है। वहीं रवि किशन ने अजीब समुद्री लुटेरे लीडर 'अधूरा' के तौर पर आसानी से सबका ध्यान खींचा है और स्क्रीन पर कॉमेडी की एक नई लहर लाई है। आख़िर में, उपेंद्र लिमये एक अहम किरदार के तौर पर अपनी जबरदस्त एनर्जी वाली परफ़ॉर्मेंस से कहानी को आगे बढ़ाते हैं, जबकि ईशा गुप्ता स्क्रीन पर एक अलग आकर्षण और स्टाइल लाती हैं।

स्क्रीनप्ले और म्यूजिक

इंद्र कुमार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे ज़बरदस्त एनर्जी वाली सिचुएशनल कॉमेडी बनाने में माहिर हैं। दिलचस्प स्क्रीनप्ले दर्शकों को मज़ेदार जोक्स और जंगल व आइलैंड पर सर्वाइवल के रोमांचक सीन की तेज़ रफ़्तार से बांधे रखता है। टेक्निकल तौर पर, बड़े पैमाने पर बनी यह फिल्म बड़े पर्दे पर शानदार दिखती है और एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव देती है। म्यूज़िक कहानी की एनर्जी के साथ पूरी तरह मेल खाता है; फुलौरी बिना 'चटनी' और 'कहर' जैसे गाने पूरे समय हल्का-फुल्का और जश्न वाला माहौल बनाए रखते हैं।

खुलकर हंसना चाहते हैं, तो जुरूर देखें  'धमाल 4' 

'धमाल 4' एक मज़ेदार फिल्म है जिसे खास तौर पर बड़े पर्दे के लिए बनाया गया है। यह शुरू से आखिर तक लगातार मनोरंजन का अपना वादा पूरा करती है। यह परिवार के साथ देखने लायक एक बेहतरीन फिल्म है जो हर उम्र के दर्शकों को पसंद आएगी। दादा-दादी से लेकर छोटे बच्चों तक, हर कोई इसकी कॉमेडी और समुद्री लुटेरों के रोमांचक एडवेंचर का मज़ा लेगा। अगर आप इस वीकेंड अपने पूरे परिवार के साथ खूब हंसना-मुस्कुराना चाहते हैं, तो 'धमाल 4' ज़रूर देखें! इंद्र कुमार की इस फिल्म को रेटिंग 4 स्टार्स दी गई है।

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