राष्ट्रीय हथकरघा दिवसः पीएम मोदी ने किया बुनकरों का अभिवादन, उपराष्ट्रपति समेत केंद्रीय मंत्रियों ने दी बधाई

खबर सार :-

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनकरों ने देश की अमूल्य विरासत को संजोया है। उपराष्ट्रपति, सीएम योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता समेत केंद्रीय मंत्रियों ने बधाई दी।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: PM मोदी, उपराष्ट्रपति समेत केंद्रीय मंत्रियों ने दी बधाई

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुनकरों का अभिवादन किया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों ने बुनकरों को बधाई दी। साथ ही, नेताओं ने नागरिकों से हथकरघा उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट किया, "आज, 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' पर, हम भारत की समृद्ध और जीवंत हथकरघा विरासत का जश्न मना रहे हैं। हम अपने बुनकरों और कारीगरों के कौशल, रचनात्मकता और समर्पण को भी प्रणाम करते हैं। पीढ़ियों से, उन्होंने हमारी परंपराओं को संजोया और समृद्ध किया है।"

pm modi tweet

उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, "हमारी सरकार हथकरघा सेक्टर का समर्थन करना जारी रखेगी, जो ग्रामीण सशक्तिकरण, महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए एक अहम स्तंभ है।" इस मौके पर पीएम मोदी ने नागरिकों से एक खास अपील भी की। उन्होंने कहा, " 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' के मौके पर, अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पादों और #MyHandloomMyPride वीडियो को जरूर शेयर करें; इससे इस सेक्टर से जुड़े लोगों का हौसला बढ़ेगा।"

भारत की हथकरघा परंपरा एक जीवंत विरासत

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने X पर लिखा, "भारत की हथकरघा (हैंडलूम) परंपरा एक जीवंत विरासत है, जो पीढ़ियों से चली आ रही कलात्मकता, मजबूती और कारीगरी से बुनी गई है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर, हम उन बुनकरों और कारीगरों को सलाम करते हैं जिनकी लगन इस अनमोल विरासत को जीवित रखती है, साथ ही टिकाऊ रोजगार पैदा करती है और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाती है। हाथ से बुनी हर चीज हमारी संस्कृति की समृद्धि और आत्मनिर्भरता की भावना को दर्शाती है। आइए, हथकरघा उत्पादों को चुनकर, स्थानीय कारीगरों का समर्थन करके और 'वोकल फॉर लोकल' व 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को मजबूत करके उनके अमूल्य योगदान का जश्न मनाएं।"

बुनकरों की मेहनत और कौशल का सम्मान

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने X पर लिखा, "राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर, हम देशभर के बुनकरों की मेहनत और कौशल तथा अपनी सदियों पुरानी विरासत का सम्मान करते हैं। कोटा डोरिया जैसे बेहतरीन हथकरघा उत्पाद हमारी सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत के सशक्त प्रतीक हैं। आइए, हथकरघा को अपनाएं, स्थानीय बुनकरों का समर्थन करें और अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाएं।"

देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

गृह मंत्री अमित शाह ने X पर पोस्ट किया, "राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर सभी को शुभकामनाएं। भारत का हथकरघा क्षेत्र, जो हमारे स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ा था, देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता का प्रतीक है। हथकरघा बुनाई की कला को संरक्षित करने और इसे एक नया आयाम देने के लिए, मोदी जी ने 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' की शुरुआत की। इसके अलावा, मोदी सरकार वैश्विक व्यापार समझौतों और घरेलू समर्थन के माध्यम से बुनकरों के लिए नए अवसर पैदा करके इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है। यह दिन हमें इस क्षेत्र के उत्पादों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर इसके समर्थन के संकल्प को मज़बूत करने के लिए प्रेरित करे।" 

वैश्विक बाजार में पहचान बना रहा भारतीय हथकरघा

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने पोस्ट किया, "भारतीय हथकरघा न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी एक मजबूत पहचान बना रहा है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर, आइए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पाद खरीदें, इस दिन को मनाने के लिए उनसे जुड़े वीडियो बनाएं और दुनिया के सामने अपने बुनकरों की कलात्मकता व कौशल के साथ ही इस अनमोल विरासत को प्रदर्शित करने में अपनी भूमिका निभाएं।" 

भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक अनमोल हिस्सा

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने X पर पोस्ट किया, "हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री से जुड़े सभी बुनकर भाई-बहनों को 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' की हार्दिक बधाई। हैंडलूम भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक अनमोल हिस्सा है जो हमें हमारी परंपराओं से जोड़ता है। इस मौके पर, आइए हम सब मिलकर हैंडलूम उत्पादों को बढ़ावा देने और *स्वदेशी* (देश में बने) सामान को अपनाने का संकल्प लें।"

स्वदेशी उद्यमों, शिल्प परंपराओं को बढ़ावा देने का संकल्प लें

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने X पर पोस्ट किया, "हमारे मेहनती बुनकर भाई-बहनों को 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं, जिन्होंने वैश्विक मंच पर भारतीय कला और संस्कृति को नई पहचान दिलाई है! आइए 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को अपनाएं और एकजुट होकर आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए अपने स्वदेशी उद्यमों, शिल्प परंपराओं और कला रूपों को बढ़ावा देने का संकल्प लें।" 

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'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को अपनाएं

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने X पर लिखा, "आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाली स्वदेशी भावना के साथ 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने के लिए समर्पित सभी साथी बुनकरों को 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' की हार्दिक बधाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत के हैंडलूम सेक्टर को वैश्विक मंच पर नई पहचान, नया सम्मान और एक खास जगह मिली है। 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' हमारी समृद्ध हस्तकला, ​​स्वदेशी भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने का एक सशक्त अवसर है। आज, जब देश 'विकसित भारत' बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, टेक्सटाइल सेक्टर राष्ट्रीय ताकत के एक नए स्रोत के रूप में उभर रहा है। आइए, इस मौके पर 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को अपनाएं और स्थानीय बुनकरों व कारीगरों को सशक्त बनाएं। आइए, अपने बुनकर भाई-बहनों के हाथों से बने उत्पादों को अपनाकर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दें।"

स्वदेशी अपनाएं, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करें

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' पर सभी बुनकरों, कारीगरों और राज्य के उन लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अद्भुत शिल्प परंपराओं के वाहक हैं, और जो 'वोकल फॉर लोकल' से 'लोकल टू ग्लोबल' की ओर बढ़ने के संकल्प को मजबूत करते हैं। हथकरघा भारत की आत्मनिर्भरता, कौशल, रचनात्मकता और सांस्कृतिक पहचान का एक जीवंत प्रतीक है। आइए, स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करें।"

हथकरघा भारत की संस्कृति का एक जीवंत प्रतीक

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने X पर पोस्ट किया, "राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर सभी मेहनती बुनकरों और कारीगरों को हार्दिक शुभकामनाएं। हथकरघा भारत की संस्कृति, परंपरा और रचनात्मकता का एक जीवंत प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र के माध्यम से 'स्वदेशी' (स्थानीय उत्पादों) की अवधारणा को एक जन-आंदोलन में बदल दिया है। आइए, स्वदेशी हथकरघा उत्पादों को अपनाएं और अपने कारीगरों, स्थानीय अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाएं।"

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