Ladli Behna Scheme: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जारी की 37वीं किस्त, खातों में पहुंचे 1,835 करोड़ रुपये
खबर सार :-
‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ मध्य प्रदेश सरकार की सबसे चर्चित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है। इस योजना की शुरुआत महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई थी। समय के साथ यह योजना राज्य की करोड़ों महिलाओं के लिए वित्तीय सहारा बनकर उभरी है।
खबर विस्तार : -
इंदौरः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को राज्य की महत्वाकांक्षी और लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की 37वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर राज्य की 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 1,835 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सागर जिले के केसली क्षेत्र में आयोजित एक विशाल सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक क्लिक के माध्यम से योजना की राशि लाभार्थी महिलाओं के खातों में भेजी। इस अवसर पर प्रत्येक पात्र महिला को 1,500 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
विकास परियोजना की दी सौगात
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को भी बढ़ाने का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम होती हैं तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देवरी विधानसभा क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात भी दी। उन्होंने लगभग 190.85 करोड़ रुपये की लागत वाली 53 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 122.02 करोड़ रुपये की लागत वाली 28 नई परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया, जबकि 68.83 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई 25 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।
सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इन विकास कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने महिलाओं के आर्थिक उत्थान और सशक्तिकरण के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने निर्धारित राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे महिलाओं को घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और अन्य आवश्यक कार्यों में आर्थिक सहायता मिलती है। कई लाभार्थियों का कहना है कि इस योजना ने उन्हें वित्तीय निर्णय लेने में अधिक सक्षम बनाया है।
योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी महिलाओं को मिलता है। पात्रता की शर्तों के अनुसार परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसके अलावा परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए, परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए और चार पहिया वाहन भी नहीं होना चाहिए। योजना के अंतर्गत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाएं आवेदन कर सकती हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं की वित्तीय निर्भरता कम हुई है और वे परिवार की आर्थिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिली है।
महिलाओं को बनाया जा रहा आर्थिक मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण आधारित योजनाएं पारदर्शिता बढ़ाने और लाभार्थियों तक बिना किसी मध्यस्थ के सहायता पहुंचाने में प्रभावी साबित हुई हैं। लाड़ली बहना योजना इसी मॉडल पर आधारित है, जिसके कारण करोड़ों महिलाओं को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीब वर्ग के कल्याण के लिए राज्य सरकार आगे भी इसी प्रकार की जनहितकारी योजनाओं को प्राथमिकता देती रहेगी।
लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी होने के साथ ही राज्य की करोड़ों महिलाओं को एक बार फिर आर्थिक संबल मिला है। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल महिलाओं को और अधिक आत्मनिर्भर, सशक्त और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।
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