मणिपुरः कुकी गांव में फिर भड़की आग, उग्रवादियों के हमले में तीन ग्रामीणों की मौत

खबर सार :-

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में उग्रवादियों ने एक सप्ताह में दूसरा हमला किया है। इसमें तीन ग्रामीणों की मौत हो गई। माहौल तनावपूर्ण होने के कारण मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल सर्च अभियान चला रही हैं।
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हमला, तीन की मौत, जंगल में बीतेगी रात

खबर विस्तार : -

इंफाल :सोमवार को मणिपुर के कांगपोकपी जिले में संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में तीन ग्रामीणों की मौत हो गई। कई लोग घायल हैं। माहौल तनावपूर्ण है। हालात पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की सुरक्षा टुकड़ियां इलाके में दस्तक दे रही हैं।

करीब 50 उग्रवादियों ने हमला बोल दिया

मणिपुर में कुकी आदिवासियों के एक प्रमुख संगठन ने दावा किया है कि तीन निर्दोश ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी गईं। इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गोली लगने के कारण तीन की मौत हो गई। इसी हमले में ही चार अन्य लोगों को भी गोली लगी है। वह गंभीर रूप से घायल हैं।

इसी बात को पुलिस अधिकारी इंफाल अपने तरीके से कहते हैं। इंफाल में एक पुलिस अधिकारी ने भी यही बताया। दरअसल, पहाड़ी कांगपोकपी जिले में कुकी समुदाय के गांव एन. तेइखांग में एक उग्रवादी समूह के करीब 50 सहयोगियों ने हमला बोल दिया। इनके पास अत्याधुनिक हथियार भी थे। इन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस बीच तीन लोगों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। 

घर छोड़कर पास के जंगलों में ली शरण 

हमलावरों ने पूरी तैयारी के साथ यहां प्रवेष किया और गोलीकांड के बाद कई घरों में आग भी लगा दी। घटना में दहले हुए लोगों ने अपने घर छोड़ दिए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है कि भारी गोलीबारी के कारण ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर पास के जंगलों में शरण ली है। यह जानकारी पाकर  मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की सुरक्षा टुकड़ियां इलाके में पहुंच चुकी हैं। हालात सामान्य बनाने के लिए पूरी सख्ती बरती जाएगी। इसके लिए अभियान शुरू कर दिया गया है।

एक साल के अंदर 20 से ज्यादा मौतें

पूर्व में मणिपुर का जख्म आज तक नहीं भर सका है। सरकार इस मामले पर अब कतई ढील नहीं देने वाली है। अभी दो दिन पहले ही उग्रवादियों ने एक वाहन पर घात लगाकर हमला कर दिया था। इसमें चार नागा नागरिकों की मौत हो गई थी।

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घटना की जमकर निंदा भी की गई। एक बार फिर यह कोशिश हुई है। अब राज्य में नागा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद पुलिस बल ने जंगलों तक दस्तक दी है। बीते साल के बाद गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में दोनों समुदायों के 20 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

वर्किंग कमिटी ने भी नाराजगी जताई

मारे गए लोगों की पहचान टिंगनेइचिन ल्होवम (40), होइनेइनेंग ल्होजेम (21) और लामतिनथांग ल्होजेम (36) के तौर पर हुई है। नेमनेइचोंग ल्होजेम (50), सेलुन ल्होजेम (70), डेलहिंग हाओकिप (55) और कामतिनसेई चोंगलोई (38) घायल हुए हैं। वहीं इस घटना को लेकर ट्विलांग एरिया कुकी सीएसओ वर्किंग कमिटी ने नाराजगी जताई है। कहा गया है कि तेइखांग गांव के बेगुनाह निवासियों पर बिना किसी उकसावे के किया गया बर्बर हमला है। कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ने कहा है कि वह घटना की निंदा करते हैं। 

आदिवासी संगठन ने की हमले की निंदा 

पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने इलाके में ऑपरेशन जारी कर रखा है। कुकी आदिवासी संगठन ने भी दावा किया कि अलगाववादी एनएससीएन-आईएम के लगभग 50 लोगों ने गांव पर हमला किया। यह घटना बड़ी होने के काराण जवानों का पहुंचना तेज हो गया है।

बताया जा रहा है , हमलावरों के पास आम नागरिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी करने, दहशत फैलाने एवं घरों में आग लगाने के लिए विस्फोटक की कमी नहीं थी। इनके खौफ के कारण ही लोग जंगल में छिपे हैं। इधर आदिवासी संगठन ने हमले की कड़ी निंदा की है। आरोप लगाया कि बिना किसी उकसावे के बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाया गया, जिससे कुकी-बहुल गांव के निवासियों में दहशत फैल गई। 

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