गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: SC ने लूथरा बंधुओं को दो सप्ताह में सरेंडर करने का दिया निर्देश, HC का फैसला बरकरार
खबर सार :-
गोवा के अरपोरा नाइटक्लब अग्निकांड में सुप्रीम कोर्ट ने लूथरा बंधुओं समेत तीन आरोपियों की जमानत रद्द बरकरार रखी और दो सप्ताह में सरेंडर का निर्देश दिया। वहीं, ट्रायल कोर्ट में मामले की आगे की सुनवाई और आरोप तय करने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: गोवा के अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने नाइटक्लब के मालिकों सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता की जमानत रद्द करने के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। इसके साथ ही तीनों आरोपियों की ओर से दाखिल अपीलों को खारिज करते हुए उन्हें दो सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट से आरोप तय करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी आग्रह किया। अदालत के इस आदेश के बाद तीनों आरोपियों के लिए फिलहाल कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं और उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर सरेंडर करना होगा।
हाई कोर्ट के फैसले को मिली सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी
इस मामले में गोवा के मापुसा की अतिरिक्त सत्र अदालत ने पहले तीनों आरोपियों को जमानत दे दी थी। अजय गुप्ता को 23 मार्च, जबकि सौरभ और गौरव लूथरा को 1 अप्रैल को जमानत मिली थी। गोवा सरकार ने निचली अदालत के इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
19 अगस्त को बॉम्बे हाई कोर्ट की जस्टिस नीला गोखले ने राज्य सरकार की अपील स्वीकार करते हुए तीनों आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी। हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सोमवार को शीर्ष अदालत ने उनकी अपीलें खारिज करते हुए हाई कोर्ट के आदेश को कायम रखा। सुप्रीम कोर्ट ने तीनों को दो सप्ताह के अंदर संबंधित अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने को कहा है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट को भी मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है।
6 दिसंबर 2025 की रात हुआ था भीषण हादसा
यह मामला 6 दिसंबर 2025 की रात उत्तरी गोवा के अरपोरा इलाके में स्थित नाइटक्लब में लगी भीषण आग से जुड़ा है। हादसे के दौरान क्लब के भीतर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण 25 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद गोवा में सुरक्षा मानकों और नाइटक्लब के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि नाइटक्लब के पास आवश्यक सुरक्षा मंजूरी नहीं थी और वहां पर्याप्त अग्निशमन उपकरण भी उपलब्ध नहीं थे। जांच के मुताबिक, हादसे के समय क्लब के अंदर इनडोर फायर शो आयोजित किया गया था। इसी दौरान आग भड़कने और उसके तेजी से फैलने की बात सामने आई। पुलिस ने यह आरोप भी लगाया कि संबंधित रेस्तरां वैध ट्रेड लाइसेंस के बिना संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसियों ने हादसे के लिए कथित सुरक्षा लापरवाही और नियमों के उल्लंघन को प्रमुख आधार बनाया है।
थाईलैंड भाग गए थे लूथरा बंधु
हादसे के बाद मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस जांच में सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के थाईलैंड चले जाने की जानकारी सामने आई। दोनों को बाद में थाईलैंड से डिपोर्ट किया गया, जिसके बाद गोवा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में नाइटक्लब के मालिकों के अलावा अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की। क्लब के अन्य साझेदारों, मैनेजर, इवेंट आयोजकों और कर्मचारियों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया और कथित तौर पर आवश्यक अनुमतियों के बिना गतिविधियां कैसे संचालित होती रहीं।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनमें गैर-इरादतन हत्या, लोगों की जान को खतरे में डालने वाले कृत्य और आग से संबंधित लापरवाही समेत अन्य आरोप शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के सोमवार के आदेश के बाद अब तीनों आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। 25 लोगों की जान लेने वाले इस अग्निकांड ने सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्था और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। अब अदालत की निगरानी में आगे बढ़ने वाली न्यायिक प्रक्रिया से यह तय होगा कि हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी थी और आरोपों के आधार पर दोष साबित होता है या नहीं।
यह भी पढ़ेंः-हल्द्वानी शुद्धिकरण प्रकरण: राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज होने पर कांग्रेस ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार को घेरा
अन्य प्रमुख खबरें
-
दिल्ली में 18 और 25 अक्टूबर को लगेंगे विशेष वोटर कैंप, हेल्पलाइन नंबर जारी
2026-10-15
-
नक्सलवाद पीड़ितों के घाव भरना सरकार की जिम्मेदारी: अमित शाह
2026-10-15
-
पाकिस्तान ने की आतंकी हरकत तो पिछली बार से भी बड़ा प्रहार होगाः राजनाथ सिंह
2026-10-15
-
15 से 18 OCTOBER तक आंधी-बारिश का अलर्ट, Gwalior में गिरेगा हवा के साथ पानी
2026-10-15
-
दिवाली से पहले 11.40 लाख कर्मचारियों को बोनस की सौगात
2026-10-14
-
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम 5 वर्ष तक जारी रखने की मिली मंजूरी
2026-10-14
-
Air India फ्लाइट से मिला हाईजैक अलर्ट, जयपुर में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
2026-10-14
-
एफएसयूआई की भारतीय नाविकों को रिपब्लिक डे परेड में शामिल करने की मांग
2026-10-14
-
पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजे गए CJP नेता सौरव-आशुतो
2026-10-14
-
Vaishali : जिनको कभी उदास नहीं देखा, आज फूट-फूटकर रोए, गंगा में जब डूबी नाव...
2026-10-14
-
डीआरडीओ ने सुरक्षित संचार की दिशा में हासिल की अहम सफलता
2026-10-14
-
बिहार नाव हादसाः एक साथ 13 मासूमों की अर्थियां उठीं तो रो पड़ा पूरा गांव
2026-10-14
-
Bihar के राघोपुर में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत, वैशाली जिले के अफसर भी दौ़ड़े
2026-10-14
-
भारतीय नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत ‘समर्थक’
2026-10-13
-
World Standards Day: गुणवत्ता और सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी
2026-10-13