फार्मा क्षेत्र में उत्पादन के साथ अनुसंधान और नवाचार में भी अग्रणी बने भारत: अहमदाबाद में अमित शाह

खबर सार :-

अहमदाबाद में फार्मिनोवा पुरस्कार समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत को अब दवा उत्पादन के साथ शोध और नवाचार में भी दुनिया का नेतृत्व करना होगा।
भारत को फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा अनुसंधान: अमित शाह

खबर विस्तार : -

अहमदाबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फार्मास्यूटिकल (औषधि) क्षेत्र में भारत को न केवल उत्पादन बल्कि शोध और विकास के स्तर पर भी पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता रेखांकित की है। शुक्रवार को अहमदाबाद में स्वर्गीय रजनी पटेल की याद में आयोजित 'फार्मिनोवा पुरस्कार' वितरण कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है। इस दौरान उन्होंने औषधि विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार, शोध और नए विचारों को बढ़ावा देने वाली इस पहल की सराहना की और स्वर्गीय रजनी पटेल के योगदान को याद किया।

गृह मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक शोध में लगे युवाओं को केवल आर्थिक मदद देना ही काफी नहीं है, बल्कि उद्योग जगत और समाज में उनकी प्रतिभा को सम्मान और पहचान मिलना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि विगत 12 वर्षों में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास के नए आयाम तय किए हैं। भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार, उद्योग जगत, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों को एकजुट होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

वैश्विक महामारी के दौरान भारत की भूमिका

कोरोना महामारी के दौर का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उस वैश्विक संकट के समय भारत ने एकजुटता की बेहतरीन मिसाल पेश की थी। केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और आम जनता ने मिलकर इस आपदा का सामना किया। देश में ही कोरोना टीकों का रिकॉर्ड उत्पादन किया गया और भारत ने दुनिया के कई देशों को टीके और जरूरी दवाएं भेजकर मानवता की सेवा की। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महामारी से पहले देश में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) और विशेष मास्क का उत्पादन बहुत सीमित मात्रा में होता था। लेकिन भारत ने इस बड़ी चुनौती को एक अवसर में बदला और बेहद कम समय में इन सुरक्षा सामग्रियों का बड़ा उत्पादक तथा समर्थक निर्यातक बनकर उभरा।


"भारतीय औषधि क्षेत्र देश की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति है। भारत पहले ही 150 से अधिक देशों को दवाएं निर्यात करके अपनी क्षमता साबित कर चुका है। अब हमारा ध्यान केवल विनिर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व करने पर होना चाहिए।" - अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री


औषधि क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए सरकारी योजनाएं

दवा उद्योग को मजबूती प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर बात करते हुए गृह मंत्री ने विभिन्न नीतियों का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने देश में ही उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और अनुसंधान-नवाचार से जुड़ी कई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य जरूरी दवाओं के कच्चे माल (एपीआई) और चिकित्सा उपकरणों के घरेलू उत्पादन को तेजी से बढ़ाना है, ताकि विदेशी निर्भरता कम हो सके। इन प्रयासों के चलते देश में विश्वस्तरीय औषधि निर्माण तंत्र तैयार हो रहा है।

युवाओं के लिए संभावनाएं

ड्रग डिलीवरी सिस्टम (नई औषधि पहुंच प्रणाली) जैसे आधुनिक शोध क्षेत्रों की चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि इसमें भारतीय शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यदि अधिक से अधिक नए उद्यमी और युवा वैज्ञानिक इस क्षेत्र में कदम बढ़ाते हैं, तो भारत वैश्विक पटल पर मुख्य भूमिका निभा सकता है। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि असफलता ही सफलता का रास्ता तैयार करती है। असफलताओं से निराश हुए बिना लगातार प्रयास करना और शोध के प्रति समर्पित रहना ही युवाओं को आगे लेकर जाएगा। इस अवसर पर औषधि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पीएचडी शोधार्थियों और उनके गाइडों (मार्गदर्शकों) को 'फार्मिनोवा पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। अमित शाह ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए अनुसंधान जारी रखने का आह्वान किया।

भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा दवा उत्पादक

इसे अक्सर 'दुनिया की फार्मेसी' कहा जाता है। देश का फार्मा उद्योग जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, जो वैश्विक मांग के एक बड़े हिस्से को पूरा करता है। हाल के वर्षों में केंद्र सरकार का मुख्य ध्यान दवाओं के कच्चे माल (एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स या एपीआई) के आयात पर निर्भरता घटाने पर रहा है। इसके लिए देश के विभिन्न राज्यों में बल्क ड्रग पार्कों की स्थापना की जा रही है।

'फार्मिनोवा पुरस्कार' की शुरुआत स्वर्गीय रजनी पटेल की स्मृति में औषधि शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। इस कार्यक्रम में ट्राइको फार्मा कंपनी के अध्यक्ष डॉ. केतन पटेल ने स्वागत भाषण दिया और पुरस्कार की रूपरेखा प्रस्तुत की। समारोह में उद्योग जगत और बैंकिंग क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों समेत मिलन पटेल और असील पटेल भी उपस्थित थे। सरकार ने वर्ष 2047 तक, यानी आजादी के शताब्दी वर्ष तक, भारत को प्रत्येक क्षेत्र में विश्व स्तर पर अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें फार्मा और बायोटेक क्षेत्र की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।

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