अश्लील कंटेंट पर सरकार का सख्त एक्शन: 2 साल में 50 OTT प्लेटफॉर्म ब्लॉक, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ा फोकस

खबर सार :-

सरकार की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कानून का उल्लंघन और अश्लील कंटेंट अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आईटी नियमों के सख्त पालन, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर विशेष जोर के जरिए केंद्र सरकार सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। आने वाले समय में कंटेंट मॉडरेशन और नियामकीय निगरानी और मजबूत हो सकती है।
अश्लील कंटेंट पर सरकार का सख्त एक्शन: 2 साल में 50 OTT प्लेटफॉर्म ब्लॉक, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ा फोकस

खबर विस्तार : -

50 OTT Blocked Obscene Content: देश में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों के दौरान 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म की भारत में सार्वजनिक पहुंच बंद कर दी गई। यह कार्रवाई आईटी एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और महिलाओं के अशोभनीय चित्रण से जुड़े कानूनों के उल्लंघन के मामलों में की गई। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य इंटरनेट को सुरक्षित, भरोसेमंद और बच्चों के लिए अनुकूल बनाना है, ताकि डिजिटल स्पेस में जिम्मेदार माहौल सुनिश्चित किया जा सके।

कानून का उल्लंघन करने वाले कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई

केंद्र सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले अश्लील और कानून का उल्लंघन करने वाले कंटेंट के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म की भारत में सार्वजनिक पहुंच (पब्लिक एक्सेस) बंद कर दी गई है। सरकार ने यह कदम उन प्लेटफॉर्म के खिलाफ उठाया, जिन पर अश्लील सामग्री प्रसारित करने और विभिन्न कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप सामने आए।

Monsoon Session-Ashwini Vaishnaw-50 OTT Blocked (1)

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67ए का उल्लंघन

मंत्री ने अपने लिखित जवाब में बताया कि संबंधित प्लेटफॉर्म पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67ए का उल्लंघन पाया गया। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 294 और इंडीसेंट रिप्रेजेंटेशन ऑफ वुमेन (प्रोहिबिशन) एक्ट, 1986 की धारा 4 के तहत भी कार्रवाई की गई। इन प्रावधानों का उद्देश्य अश्लील सामग्री के प्रसार पर रोक लगाना और महिलाओं के अशोभनीय चित्रण को नियंत्रित करना है।

शिकायत मिलने पर होती है कार्रवाई

अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि सरकार शिकायत मिलने के बाद संबंधित मामलों की जांच करती है। यदि किसी प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी या आपत्तिजनक सामग्री मिलने की पुष्टि होती है, तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत इंटरमीडियरी को कंटेंट हटाने या उसकी पहुंच रोकने के निर्देश जारी किए जाते हैं। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्लेटफॉर्म की सार्वजनिक पहुंच भी बंद की जा सकती है।

बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

सरकार का कहना है कि उसकी डिजिटल नीति का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट को सभी उपयोगकर्ताओं, विशेषकर बच्चों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। डिजिटल माध्यमों पर तेजी से बढ़ती सामग्री के बीच यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी भी प्रकार का कंटेंट बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव न डाले।

Monsoon Session-Ashwini Vaishnaw-IT Rules 2021-50 OTT  Blocked

आईटी रूल्स 2021 की अहम भूमिका

मंत्री ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 मिलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म के संचालन के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार करते हैं। इन नियमों का उद्देश्य डिजिटल वेलबीइंग, यूजर सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन भागीदारी को बढ़ावा देना है।

इंटरमीडियरी के लिए ड्यू डिलिजेंस अनिवार्य

सरकार ने यह भी दोहराया कि सभी इंटरमीडियरी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए ड्यू डिलिजेंस का पालन करना अनिवार्य है। उन्हें अपने उपयोगकर्ताओं को स्पष्ट रूप से बताना होता है कि वे ऐसा कोई कंटेंट अपलोड, प्रकाशित, साझा या प्रसारित न करें जो बच्चों के लिए हानिकारक हो, अश्लील हो या देश के किसी भी लागू कानून का उल्लंघन करता हो।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ेगी जवाबदेही

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की इस कार्रवाई से डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही बढ़ेगी। ओटीटी और अन्य ऑनलाइन सेवाओं को कंटेंट मॉडरेशन, कानूनी अनुपालन और यूजर सुरक्षा के मानकों का अधिक सख्ती से पालन करना होगा। इससे ऑनलाइन स्पेस को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें....‘ग्राम चिकित्सालय सीजन 2’ में दिखेगी ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की असली तस्वीर, मेकर्स ने सोशल मीडिया पर जारी किया ट्रेलर

अन्य प्रमुख खबरें