शेयर बाजार में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव, मेटल-एनर्जी ने संभाला मोर्चा, रियल्टी-आईटी में बिकवाली का जोर
खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भले ही मिलीजुली रही हो, लेकिन निवेशकों का भरोसा पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है। कुछ सेक्टरों में बिकवाली के बावजूद मेटल, एनर्जी और चुनिंदा मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती देखने को मिली। मजबूत आर्थिक संकेतकों और विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार की दीर्घकालिक संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं, हालांकि निकट भविष्य में वैश्विक संकेत और सेक्टोरल प्रदर्शन दिशा तय करेंगे।
खबर विस्तार : -
Stock Market News: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मिलाजुली शुरुआत की, जहां सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी दबाव में नजर आया। रियल्टी और आईटी शेयरों में बिकवाली ने बाजार की चाल को प्रभावित किया, वहीं मेटल और एनर्जी सेक्टर ने निवेशकों को राहत दी। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी का रुख बना रहा। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच विदेशी निवेशकों की वापसी और मजबूत घरेलू आर्थिक आंकड़ों ने बाजार की दीर्घकालिक धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।
रियल्टी और आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव
मंगलवार सुबह 9:21 बजे सेंसेक्स 149 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,788 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 160 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,618 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने रियल्टी और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली की, जिससे इन दोनों सेक्टरों पर सबसे अधिक दबाव देखने को मिला। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी सूचकांक लगभग एक प्रतिशत तक टूट गए और दिन के सबसे कमजोर सेक्टरों में शामिल रहे। इसके अलावा एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, ऑटो, इंफ्रा और पीएसई सेक्टरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
मेटल और एनर्जी सेक्टर ने दिखाई मजबूती
जहां अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, वहीं मेटल और एनर्जी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इन दोनों सेक्टरों ने बाजार को कुछ हद तक संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाई। विश्लेषकों का मानना है कि कमोडिटी कीमतों और वैश्विक मांग से जुड़े सकारात्मक संकेतों ने इन क्षेत्रों में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेशकों की दिलचस्पी कायम
मुख्य सूचकांकों में उतार-चढ़ाव के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 87 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की हल्की कमजोरी के साथ 63,535 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 92 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,684 पर कारोबार करता दिखा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक बेहतर रिटर्न की उम्मीद में चुनिंदा मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं।
इन दिग्गज शेयरों में रही हलचल
सेंसेक्स की कंपनियों में एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, ट्रेंट, अडानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, बीईएल, इंडिगो, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर बढ़त में रहे। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, मारुति सुजुकी और एसबीआई के शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।
वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत
एशियाई बाजारों में भी कारोबार का रुख मिला-जुला रहा। शंघाई, बैंकॉक और जकार्ता के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि टोक्यो, हांगकांग और सोल के बाजारों में गिरावट देखी गई। दूसरी ओर अमेरिकी शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स इंडेक्स 1.32 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक 2.13 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजार की तेजी का सकारात्मक असर भारतीय बाजार की धारणा पर भी देखने को मिला।
विदेशी निवेशकों की वापसी से बढ़ा भरोसा
विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी संकेत बाजार के लिए सकारात्मक बने हुए हैं। तेज क्रेडिट ग्रोथ, ऑटोमोबाइल बिक्री में लगातार बढ़ोतरी और बेहतर जीएसटी संग्रह यह संकेत देते हैं कि घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की भारतीय बाजार में वापसी निवेशकों का विश्वास बढ़ा रही है। इससे आने वाले समय में बाजार को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
FAQ...
1. भारतीय शेयर बाजार की मंगलवार को शुरुआत कैसी रही?
भारतीय शेयर बाजार की मंगलवार को शुरुआत मिलाजुली रही। सेंसेक्स बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।
2. किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई?
आज शुरुआती कारोबार में रियल्टी और आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। इनके अलावा एफएमसीजी, फार्मा, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टरों में भी कमजोरी देखी गई।
3. किन सेक्टरों ने बाजार को सहारा दिया?
मेटल और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को कुछ हद तक समर्थन मिला। वहीं स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई।
4. बाजार के प्रति विशेषज्ञों का क्या नजरिया है?
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत आर्थिक ग्रोथ, बेहतर जीएसटी कलेक्शन, ऑटो बिक्री में बढ़ोतरी और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की वापसी भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
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