UP Yogi Government: यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार गरीब और जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। यूपी सरकार द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक समावेशन और समानता के सफल मॉडल के रूप में उभरे हैं। गरीब, वंचित और ग्रामीण पृष्ठभूमि के मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुखी और पूरी तरह से निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करने वाली इस योजना के तहत लाभान्वित बच्चों की संख्या में साल दर साल उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
बता दें कि जहां वर्ष 2018-19 में इस योजना के तहत मात्र 32,429 बच्चे अध्ययन कर रहे थे, वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर लगभग 37,000 हो गई है। ये आंकड़ा शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार की दूरदर्शी सोच और संकल्प की सफलता बयां कर रहा है। बीते सात सालों करीब 4,571 छात्रों की वृद्धि यह दर्शाती है कि सरकार गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। वर्ष 2018-19 तक जहां प्रदेश के 58 जिलों में 100 सर्वोदय विद्यालय संचालित थे, वहीं वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 109 विद्यालय हो गई है, जो अब 62 जिलों में संचालित हो रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक कुमार प्रशांत ने बताया कि इस वर्ष बलिया, पीलीभीत, मथुरा, गोंडा, कानपुर देहात, अंबेडकरनगर, मैनपुरी, अमरोहा, और महाराजगंज जिलों में 9 नए सर्वोदय विद्यालय खोले गए हैं, जिनमें करीब 2,000 नए छात्र-छात्राओं को निशुल्क शिक्षा और आवासीय सुविधा का लाभ मिलेगा। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, एआई वर्कशॉप, सीसीटीवी सर्विलांस, टैबलेट, एयरोमॉडलिंग और अन्य नवीनतम तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके साथ ही योगी सरकार बच्चों को यूनिफॉर्म, भोजन और अध्ययन सामग्री से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET, JEE, CUET) की निशुल्क कोचिंग तक की पूरी व्यवस्था छात्रों को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक है। इन विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया भी सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। 60% सीटें SC/ST छात्रों के लिए, 25% OBC के लिए और 15% सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए आरक्षित हैं, जो सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही, 85% छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से चुने जाते हैं, जो गांवों के सबसे प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं। सात वर्षों में लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि सिर्फ शैक्षिक आंकड़ों की बात नहीं है, यह हजारों परिवारों की उम्मीद और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
यूपी के सीएम योगी के नेतृत्व में यह पहल एक संदेश देती है कि सरकार शिक्षा को सिर्फ एक सुविधा नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम मानती है। सर्वोदय विद्यालयों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार सामाजिक न्याय, शैक्षिक समानता और नवाचार के जरिए एक ऐसा भविष्य बना रही है, जहां हर बच्चा, चाहे वह किसी भी वर्ग या क्षेत्र का हो, समान अवसर और उज्ज्वल भविष्य का हकदार है। विद्यालयों की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में घोषित NEET (UG) के नतीजों में सर्वोदय विद्यालय, मड़िहान, मिर्जापुर के 25 में से 12 छात्र सफल हुए हैं; ये सभी छात्र पिछड़ी जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं।
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