झांसी रेल मंडल को मिली बड़ी उपलब्धि, वंदे भारत ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण शुरू

खबर सार :-
झांसी रेल मंडल में वंदे भारत ट्रेन का प्रशिक्षण केंद्र बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह केंद्र रेलवे कर्मचारियों के लिए देशभर में एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र बनेगा। जानें इस परियोजना के बारे में विस्तार से।

झांसी रेल मंडल को मिली बड़ी उपलब्धि, वंदे भारत ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण शुरू
खबर विस्तार : -

झांसी: झांसी रेल मंडल ने एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेन की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब सेमी हाई स्पीड ट्रेनों का हब बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे ने अब यहां वंदे भारत ट्रेन के लिए एक विशेष ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण लगभग 330 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, और यह उत्तर मध्य रेलवे का पहला ट्रेनिंग सेंटर होगा। यह सेंटर रेलवे के कर्मचारियों के लिए एक अहम केंद्र साबित होगा, क्योंकि अब उन्हें ट्रेनिंग के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे न केवल कर्मचारियों को आराम मिलेगा, बल्कि रेलवे की कार्यकुशलता में भी सुधार होगा। वर्तमान में लोको पायलट, गार्ड, स्टेशन मैनेजर और अन्य कर्मचारी ट्रेनिंग के लिए भुसावल, उदयपुर जैसे स्थानों पर जाते हैं, लेकिन इस नए सेंटर के बनने से उन्हें इन परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी।

प्रशिक्षण की सुविधाएं और समर्पित लैब

इस ट्रेनिंग सेंटर में विशेष प्रकार की एक लैब तैयार की जाएगी, जिसमें वंदे भारत के लोको पायलटों को वास्तविक ट्रेन संचालन का अनुभव मिलेगा। यहां उन्हें लोको पायलट केबिन से नियंत्रित होने वाली प्रणालियों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें गति निर्धारित करने, ब्रेक लगाने, सिग्नल प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण तत्वों का सिम्युलेटर पर अभ्यास कराया जाएगा। इस नए ट्रेनिंग सेंटर में न केवल लोको पायलट, बल्कि सिग्नल, दूरसंचार, इंजीनियरिंग, लेखा, कार्मिक, भंडार और यातायात विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सेंटर में तकनीकी, सिग्नल, दूरसंचार, इंजीनियरिंग, और अन्य विभागों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे रेलवे के सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।

सुविधाओं से लैस नया प्रशिक्षण केंद्र

इस केंद्र में कर्मचारियों के लिए हॉस्टल, कैंटीन, प्रशासनिक भवन, पुस्तकालय, कंप्यूटर केंद्र, सभागार और चिकित्सा कक्ष जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यह ट्रेनिंग सेंटर अगले दो वर्षों में पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा और झांसी रेल मंडल के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। रेल कोच नवीनीकरण फैक्ट्री झांसी के मुख्य कारखाना प्रबंधक, अतुल कनौजिया ने कहा, 'वंदे भारत, जो देश की आधुनिक और स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, ने भारतीय रेल यात्रा को एक नया आयाम दिया है। इसकी रफ्तार, आधुनिक सुविधाएं और यात्रियों के लिए आरामदायक अनुभव ने इसे देश की सबसे पसंदीदा ट्रेन बना दिया है। अब इस ट्रेन की मरम्मत और सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए हम यह नया कदम उठा रहे हैं।' झांसी का वंदे भारत ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण न केवल झांसी रेल मंडल के लिए बल्कि पूरे देश की रेलवे प्रणाली के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न सिर्फ ट्रेन संचालन में सुधार होगा, बल्कि कर्मचारियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी आसान और प्रभावी हो जाएगी। यह कदम भारतीय रेल के भविष्य को और भी प्रौद्योगिकी-प्रेरित और कुशल बनाने की दिशा में एक अहम कड़ी साबित होगा।

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