शाहजहांपुरः जिले में गर्रा और खन्नौत नदियों से हर वर्ष उत्पन्न होने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में आज जिलाधिकारी कार्यालय के कैंप कार्यालय में राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच), रुड़की के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ की समस्या का वैज्ञानिक और दीर्घकालिक समाधान तलाशने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान वैज्ञानिकों ने हाइड्रोडायनामिक प्रवाह मॉडलिंग के माध्यम से नदियों के जलस्तर, प्रवाह की दिशा और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों का विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन करने की योजना प्रस्तुत की। इस तकनीक की मदद से यह समझने में सहायता मिलेगी कि भारी वर्षा या अधिक जल प्रवाह के दौरान किस क्षेत्र में किस प्रकार की स्थिति बनती है और किन स्थानों पर जलभराव की आशंका अधिक रहती है। इससे भविष्य में बाढ़ प्रबंधन की बेहतर रणनीति तैयार की जा सकेगी।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बैठक में निर्देश दिए कि वर्ष 2024 के बाद बाढ़ की स्थिति में आए बदलावों का विशेष रूप से अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि अध्ययन का दायरा पीलीभीत स्थित दियूनी डैम से लेकर शाहजहांपुर जनपद के अंतिम छोर तक रखा जाए, ताकि नदियों के जल प्रवाह और डिस्चार्ज की सटीक स्थिति का आकलन किया जा सके। इसके साथ ही नदियों के सुदृढ़ीकरण, ड्रेजिंग और अन्य आवश्यक तकनीकी उपायों की संभावनाओं का भी वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि अध्ययन के लिए आवश्यक सभी तकनीकी आंकड़े और पुराने रिकॉर्ड वैज्ञानिकों को उपलब्ध कराए जाएं। वहीं नगर निगम को शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में बैकफ्लो की समस्या को रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बरसात के समय शहर में जलभराव की स्थिति न बने।
बैठक में यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, रुड़की की वैज्ञानिक टीम 6 और 7 मार्च को शाहजहांपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। इस दौरान टीम नदियों के किनारों, जल प्रवाह के मार्गों और संवेदनशील स्थानों का विस्तृत अध्ययन करेगी।
प्रशासन का मानना है कि इस वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर भविष्य में बाढ़ प्रबंधन के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना तैयार की जा सकेगी, जिससे जिले के लोगों को हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकेगी।
अन्य प्रमुख खबरें
मिजोरम में रेल कनेक्टिविटी से राह हुई आसान, पंजाब से सैरांग पहुंचा चावल
नशा मुक्ति जागरूकता वर्कशॉप का हुआ आयोजन, युवाओं ने लिया संकल्प
Bengal SIR Protest: धरने पर बैठी ममता बनर्जी की BJP को खुली चुनौती, कहा- बंगाल को छूकर दिखाओ...
रामाश्रय शिविर का हुआ आयोजन, वयोवृद्ध नागरिक हुए लाभान्वित
लख्खी वार्षिक मेला की तैयारी पूरी, एसडीएम व मेला मजिस्ट्रेट ने की बैठक
सिलाई का काम करने वाला युवक रहस्यमय ढंग से लापता, तीसरे दिन भी नहीं मिला सुराग
Nand Kishor Yadav: नंद किशोर यादव बने नागालैंड के नए गवर्नर, 7 बार चुनाव जीत बनाया था रिकॉर्ड
पीलीभीत में होली के दिन बकरी चराने गई वृद्ध महिला की हत्या, गन्ने के खेत में मिला शव
टाइगर रिजर्व की माला रेंज में वनकर्मियों और ग्रामीणों के बीच मारपीट, पांच घायल
पीलीभीत में होली पर शराब की दुकान पर ओवररेटिंग का आरोप, वीडियो वायरल
श्री नर्मदेश्वर महादेव प्राण-प्रतिष्ठा सह रूद्रयाग महोत्सव का भव्य शुभारंभ, निकली विशाल कलश यात्रा
पुलिस लाइन में दिखा मस्ती का रंग, जवानों ने एसपी को कंधे पर उठाया
नाली पर पत्थर रखने में विवाद, दो पक्षों के बीच लाठी-भाटा जंग, कई घायल