नशा मुक्ति जागरूकता वर्कशॉप का हुआ आयोजन, युवाओं ने लिया संकल्प

खबर सार :-
जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में चल रहे नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत युवाओं को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक करने जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

नशा मुक्ति जागरूकता वर्कशॉप का हुआ आयोजन, युवाओं ने लिया संकल्प
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगरः राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से मोहनपुरा में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला कलक्टर डॉ. मंजू और जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान’ के तहत आयोजित हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें सकारात्मक और स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना था।

दुष्परिणामों की जानकारी

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। युवाओं ने भी नशे के खिलाफ एकजुट होकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के विक्रम ज्याणी ने कहा कि आज का युवा ही देश का भविष्य है और वही तय करता है कि आने वाला कल कैसा होगा। उन्होंने युवाओं से सवाल करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता के लिए क्या बनना चाहते हैं। क्या वे चाहते हैं कि उनके माता-पिता उन्हें एक नशेड़ी के रूप में देखें या फिर ऐसे बेटे के रूप में जिस पर उन्हें गर्व हो। उन्होंने कहा कि नशा दीमक की तरह होता है, जो धीरे-धीरे एक खुशहाल परिवार की जड़ों को खोखला कर देता है। जिस घर में नशा प्रवेश कर जाता है, वहां खुशियां, सम्मान और भविष्य धीरे-धीरे समाप्त होने लगता है।

नशा मुक्ति की दिलाई शपथ

कार्यशाला के दौरान युवाओं को “सुरक्षा कवच” बैज भी वितरित किए गए। यह बैज इस बात का प्रतीक है कि युवा न केवल स्वयं नशे से दूर रहेंगे बल्कि अपने दोस्तों और समाज के अन्य लोगों को भी इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने सामूहिक रूप से नशा मुक्ति की शपथ भी ली और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

उपस्थित नागरिकों और युवाओं ने कहा कि वे खुद नशे से दूर रहेंगे और अपने मित्रों को भी इससे बचाने का प्रयास करेंगे। साथ ही वे समाज में नशा मुक्ति के लिए जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस कांस्टेबल प्रवीण कुमार ने युवाओं को मानस हेल्पलाइन 1933, साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी समस्या की स्थिति में हेल्पलाइन का उपयोग करें और कानून के प्रति जागरूक नागरिक बनें।

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