क्षीरसागर तालाब के जलमार्ग में मिला मेडिकल वेस्ट, अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज

खबर सार :-
पिवानिया और क्षीरसागर में पानी के बहाव वाले इलाके में भारी मात्रा में मेडिकल वेस्ट मिला है। स्वास्थ्य विभाग ने सख़्त कार्रवाई करते हुए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिससे शाहपुरा में प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया।
क्षीरसागर तालाब के जलमार्ग में मिला मेडिकल वेस्ट, अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज
खबर विस्तार : -

शाहपुराः शहर में आसींद रोड स्थित विद्युत ग्रिड के समीप पिवणिया तालाब (क्षीरसागर) में बारिश के पानी की आवक के मार्ग पर मेडिकल वेस्ट मिलने के मामले ने प्रशासन और चिकित्सा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा विभाग ने शुक्रवार को शाहपुरा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।

शाहपुरा थाने में केस दर्ज

मामले के प्रकाश में आने के बाद ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेनाराम कुमावत विभागीय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पालिका की स्वास्थ्य शाखा के कर्मचारियों को भी घटनास्थल पर बुलाकर मेडिकल वेस्ट की विस्तृत जांच करवाई। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि बरामद बायो-मेडिकल वेस्ट किसी सरकारी चिकित्सा संस्थान से संबंधित नहीं है।

अधिकारियों के अनुसार, मौके पर मिली सामग्री किसी निजी अस्पताल, क्लीनिक अथवा मेडिकल स्टोर से संबंधित हो सकती है। मेडिकल वेस्ट के स्वरूप और उस पर अंकित विवरणों के आधार पर इसके स्रोत की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. चेनाराम कुमावत ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभाग आवश्यक कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि शाहपुरा थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2016, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मेडिकल वेस्ट पर अंकित बैच नंबर और कोड नंबर के आधार पर उसके वास्तविक स्रोत तक पहुंचा जा सकता है।

 उपखंड अधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट

इससे पूर्व जिला चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. अशोक जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक जांच समिति का गठन किया था। समिति में फार्मासिस्ट प्रकाश शर्मा, डीडीसी सहायक संपत तेली तथा आयन को शामिल किया गया। समिति ने आसींद रोड बाइपास स्थित विद्युत ग्रिड के निकट करीब 200 मीटर दूरी पर पड़े मेडिकल वेस्ट का निरीक्षण कर विस्तृत जांच की।

जांच समिति की रिपोर्ट में भी स्पष्ट किया गया कि बरामद मेडिकल वेस्ट किसी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान का नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के चिकित्सा उत्पादों से संबंधित सामग्री मिली है। इससे यह संभावना और मजबूत हुई है कि यह वेस्ट किसी निजी मेडिकल स्टोर या निजी चिकित्सा संस्थान से संबंधित हो सकता है।

पीएमओ डॉ. अशोक जैन ने बताया कि जांच की तथ्यात्मक रिपोर्ट अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाशचंद रेगर और उपखंड अधिकारी सुनील मीणा को भेज दी गई है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

पहले भी उठाया था मुद्दा

गौरतलब है कि गुरुवार को जीव दया सेवा समिति शाहपुरा ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। समिति के संयोजक अत्तू खां कायमखानी ने चिकित्सा मंत्री के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि बरसात के मौसम में जल स्रोतों और प्राकृतिक जलमार्गों को प्रदूषण से बचाना अत्यंत आवश्यक है।

समिति ने मांग की थी कि पानी की आवक के सभी प्राकृतिक मार्गों की जांच कराई जाए तथा जल स्रोतों को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। अब विभागीय जांच और पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद लोगों की नजरें मेडिकल वेस्ट फेंकने वालों की पहचान और उनके खिलाफ होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
 

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