भीलवाड़ा: भीलवाड़ा में सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के प्राकट्य दिवस चेटीचंड को लेकर समाजजनों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। वर्ष 2026 के इस महापर्व के अवसर पर शहर में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिनमें सिंधी समाज के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। महापर्व के आयोजन को लेकर समाज के विभिन्न संगठनों द्वारा तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं।
सिंधी समाज के मीडिया प्रभारी मूलचंद बहरवानी ने बताया कि चेटीचंड महापर्व का शुभारंभ रविवार 15 मार्च को प्रातः 11 बजे झूलेलाल मंदिर नाथद्वारा सराय में होगा। यह कार्यक्रम हेमराजमल साहब सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर सिंधी समाज के शिक्षाविदों और शिक्षकों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि उसी दिन शाम को मंदिर परिसर में पूज्य बहराणा साहब की स्थापना की जाएगी तथा पवित्र ज्योति प्रज्वलित कर भजन-संगत का आयोजन होगा। इस दौरान भक्तजन भगवान झूलेलाल की आराधना करते हुए भक्ति गीतों का आनंद लेंगे। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक छेज नृत्य, पुष्प वर्षा और अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे। इन सभी आयोजनों के माध्यम से समाजजन अपने आराध्य देव के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा व्यक्त करेंगे।
कार्यक्रमों की श्रृंखला में गुरुवार 19 मार्च को सुबह 9:30 बजे चित्रकूट धाम से सकल सिंधी समाज की एकता वाहन यात्रा निकाली जाएगी। युवा समाजसेवियों के निर्देशन में आयोजित इस वाहन रैली में बड़ी संख्या में समाज के लोग अपने वाहनों के साथ शामिल होंगे। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी और समाज में एकता, भाईचारा तथा सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का संदेश देगी।
चेटीचंड महापर्व का मुख्य आयोजन शुक्रवार 20 मार्च को होगा। इस दिन दादा साहब हेमराज मल भगत झूलेलाल मंदिर में सुबह से ही देश के विभिन्न शहरों से आए बच्चों के सामूहिक मुंडन संस्कार और यज्ञोपवीत संस्कार आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही मंदिर परिसर में दिनभर भजन-कीर्तन, छेज नृत्य और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।
शाम को लगभग 5 बजे मंदिर परिसर से सकल सिंधी समाज की विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में भगवान झूलेलाल की आकर्षक झांकी, भक्ति संगीत और पारंपरिक छेज नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान झूलेलाल के जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लेंगे।
चेटीचंड महापर्व को लेकर सिंधी समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। समाज के लोग इसे केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण अवसर मानते हैं।
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