बणी बचाओ आंदोलन को लेकर पूर्व सीएम गहलोत से मिले पंकज सैनी

खबर सार :-
बणी बचाओ आंदोलन को लेकर युवा नेता पंकज सैनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जयपुर में मुलाकात की । इस दौरान बणी बचाओ आंदोलन में युवा नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन के बीच बातचीत हुई।

बणी बचाओ आंदोलन को लेकर पूर्व सीएम गहलोत से मिले पंकज सैनी
खबर विस्तार : -

झुंझुनूः उदयपुरवाटी में लंबे समय से उपखंड कार्यालय के सामने बणी बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता धरने पर बैठे हुए हैं। आंदोलन के माध्यम से स्थानीय लोगों की भूमि और जंगल संरक्षण की मांग को लेकर आवाज उठाई जा रही है। सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे आंदोलनकारियों का धैर्य चुनौतीपूर्ण स्थिति में है।

हाल ही में युवा नेता पंकज सैनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में मोहनलाल वर्मा (पूर्व सरपंच बागोंरा), भोलाराम शर्मा, सुल्तान वर्मा (वार्ड पंच गिरावड़ी), और मुकेश सैनी (छापोली) शामिल थे।

इस मुलाकात में उन्होंने बणी बचाओ आंदोलन के तहत उठाए गए मुद्दों और स्थानीय लोगों की चिंताओं के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पहले भी ज्ञापन उपखंड कार्यालय और संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया था। इसके अलावा, जयपुर से सीसीएफ (Chief Conservator of Forest) के अधिकारी ने इस मामले में जानकारी ली थी।

अशोक गहलोत ने प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि उन्होंने उनके मामले को समझा और इसे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तैयार कराने के निर्देश दिए।

प्रतिनिधिमंडल ने आश्वस्त किया कि उनका उद्देश्य केवल स्थानीय संसाधनों और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि किसी राजनीतिक लाभ के लिए आंदोलन करना। उन्होंने बताया कि आंदोलनकारियों का मुख्य उद्देश्य बणी क्षेत्र में अवैध कटान और भूमि अधिग्रहण से रोक लगाना है।

पंकज सैनी ने कहा कि स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का सहयोग आंदोलन को मजबूती प्रदान कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन में शामिल लोग न्याय मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

भविष्य में भी प्रतिनिधिमंडल नियमित रूप से राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों से संपर्क बनाए रखेगा और यदि आवश्यक हुआ तो आंदोलन की तेज गति को बनाए रखेगा। स्थानीय जनता और आंदोलनकारियों ने इस पहल को सकारात्मक कदम बताते हुए सरकारी कार्रवाई की प्रतीक्षा शुरू कर दी है।

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