अनूपगढ़ को दोबारा जिला घोषित करने की मांग तेज, प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन

खबर सार :-
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जनभावनाओं और पूर्व निर्णयों को ध्यान में रखते हुए इस ज्ञापन को मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर तक भेजा जाए, ताकि अनूपगढ़ को पुनः जिला घोषित किया जा सके। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिला बनने से अनूपगढ़ और आसपास के इलाकों का समुचित विकास संभव हो पाएगा और आम जनता को प्रशासनिक सुविधाएं उनके निकट मिल सकेंगी।

अनूपगढ़ को दोबारा जिला घोषित करने की मांग तेज, प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
खबर विस्तार : -

अनूपगढ़ः श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ को पुनः जिला घोषित किए जाने की मांग को लेकर क्षेत्र में आवाज तेज होती जा रही है। इसी क्रम में तहसील अध्यक्ष ताराचंद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अनूपगढ़ को दोबारा जिला बनाए जाने की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों और भीम आर्मी के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

दूरी की वजह से आम नागरिकों समस्या

ज्ञापन सौंपते समय आज़ाद समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष वकील सिंह धालीवाल, तहसील उपाध्यक्ष बूटा सिंह, मोतीराम, विजय डागला, खेताराम, मनीष नायक, अनिल कुमार, भीम आर्मी नगर अध्यक्ष अनूपगढ़ मनजीत सिंह, सतपाल सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अनूपगढ़ को पुनः जिला घोषित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में अनूपगढ़ श्रीगंगानगर जिले के अंतर्गत आता है, लेकिन जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण आम नागरिकों को प्रशासनिक, न्यायिक, स्वास्थ्य और विकास से जुड़े कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

विकास कार्यों में आएगी तेजी

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अनूपगढ़ भौगोलिक दृष्टि से एक बड़ा, जनसंख्या की दृष्टि से महत्वपूर्ण और सीमावर्ती क्षेत्र है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अनूपगढ़ को जिला घोषित किए जाने से यहां के लोगों में बेहतर प्रशासन, तेज विकास और सुविधाओं की उम्मीद जगी थी। लेकिन बाद में जिला दर्जा समाप्त किए जाने से जनता में गहरा असंतोष फैल गया और पुरानी प्रशासनिक समस्याएं फिर से सामने आ गईं।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण अनूपगढ़ का रणनीतिक और प्रशासनिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में जिले का दर्जा मिलने से न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि कानून-व्यवस्था और सीमाई सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
 

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