नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए हुई चर्चा, बैठक में की गई समीक्षा

खबर सार :-
नशीले पदार्थों अवैध बिक्री और नियंत्रण को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। ये बैठक जिला कलेक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता आयोजित हुई जिसमें नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाओं पर निगरानी सहित की मुद्दो पर चर्चा हुई।

नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए हुई चर्चा, बैठक में की गई समीक्षा
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगरः जिला स्तरीय नार्को कोर्डिनेशन सेंटर तंत्र की समिति की बैठक जिला कलेक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम, तस्करी और अवैध बिक्री पर नियंत्रण रखना तथा जनजागरूकता बढ़ाना था। बैठक में इस संबंध में जिले में हो रही गतिविधियों, निगरानी तंत्र और प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत समीक्षा की गई।

गैरकानूनी बिक्री पर अंकुश लागने की तैयारी

जिला कलेक्टर ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सूचना आदान-प्रदान को प्रभावी बनाया जाए। अफीम, गांजा जैसी अवैध फसलों की खेती पर कड़ी नजर रखी जाए और इनके उगाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाओं की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मेडिकल स्टोर्स में दवाओं के स्टॉक और रिकॉर्ड की नियमित जांच करवाकर अनियमितता मिलने पर तुरंत नियमानुसार कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही मेडिकल स्टोर्स को पोर्टल के माध्यम से दवाइयां देने के लिए अनिवार्य किया जाए, जिससे दवाओं की गैरकानूनी बिक्री रोकी जा सके।

जिला कलेक्टर ने स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की नियमित जांच और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केमिकल युक्त नशे की रोकथाम के लिए भी जनजागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। इसके लिए कोरियर के माध्यम से आने वाली दवाइयों पर भी विशेष निगरानी रखी जाए।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों की पालना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और नशामुक्त समाज बनाने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सतर्कता रीना, एसडीएम नयन गौतम, अशोक मित्तल, डॉ. अजय सिंगला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नशे की रोकथाम के लिए प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए। इसके अलावा, आम जनता और छात्रों में नशा न करने के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम और अभियान चलाए जाएं। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें और जिले में नशे की बिक्री, तस्करी और अवैध खेती पर पूरी तरह नियंत्रण रखें। इस बैठक ने नशा मुक्त समाज की दिशा में एक ठोस कदम बढ़ाया और जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए व्यापक रणनीति तैयार की।

अन्य प्रमुख खबरें