जिला योजना के अंतर्गत अब झांसी में भी खुलेगा राजकीय यूनानी अस्पताल

खबर सार :-
बुंदेलखंड के झांसी जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। जिला योजना के अंतर्गत अब झांसी में भी राजकीय यूनानी चिकित्सालय खोले जाने की अनुमति शासन द्वारा दे दी गई है। इससे जिले की जनता को यूनानी चिकित्सा पद्धति से इलाज की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी।

जिला योजना के अंतर्गत अब झांसी में भी खुलेगा राजकीय यूनानी अस्पताल
खबर विस्तार : -

झांसीः पहले से ही मेडिकल कॉलेज, आयुर्वेदिक कॉलेज, जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य संस्थान संचालित हैं। अब राजकीय यूनानी अस्पताल की स्थापना से यहां की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक व्यापक हो जाएगी। शासन ने झांसी सहित प्रदेश के कुल नौ जनपदों में, जहां अब तक यूनानी चिकित्सालय नहीं थे, वहां जिला योजना के तहत इन अस्पतालों की स्थापना को मंजूरी दी है।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

यूनानी सेवाओं के निदेशक प्रोफेसर जमाल अख्तर द्वारा इस संबंध में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारियों को एक पत्र जारी किया गया है। पत्र में बताया गया है कि झांसी के अलावा मैनपुरी, मथुरा, इटावा, गौतम बुद्ध नगर, चित्रकूट, महाराजगंज, हापुड़ और शामली जनपदों में भी राजकीय यूनानी चिकित्सालय स्थापित किए जाने हैं। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों के जिलाधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अस्पताल भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

निदेशक ने स्पष्ट किया है कि भूमि राजकीय यूनानी चिकित्सालय के नाम अंकित होनी चाहिए। साथ ही भूमि का सीमांकन कराकर उसका स्वामित्व प्रमाण पत्र भी निदेशालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। जैसे ही भूमि का विधिवत कब्जा विभाग को प्राप्त हो जाएगा, उसके बाद निदेशालय स्तर से अस्पताल खोलने की अगली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं

उन्होंने अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन इस योजना को गंभीरता से लागू करना चाहता है ताकि आम जनता को वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ मिल सके।

राजकीय यूनानी चिकित्सालय के खुलने से झांसी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को यूनानी चिकित्सा पद्धति से उपचार कराने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि यूनानी चिकित्सा पद्धति को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदम झांसी को बुंदेलखंड क्षेत्र में एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र के रूप में और मजबूत करेगा।

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